देश
अमेरिका में उठा सोनम वांगचुक के अनशन का मुद्दा; प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा
- Edited by: मोनू झा
- Updated Jul 18, 2026, 04:27 PM IST
Jantar Mantar Protest: नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन की गूंज अब अमेरिका में भी सुनाई दे रही है।
![]()
अमेरिका में गूंजा सोनम वांगचुक का आंदोलन
Photo :
PTI
Jantar Mantar Protest: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) सहित देश की अन्य बड़ी परीक्षाओं में सामने आईं कथित अनियमितताओं और धांधली को लेकर देश में शुरू हुआ गुस्सा अब सात समंदर पार तक पहुंच गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल (Jantar Mantar Protest) पर बैठे विख्यात जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को अब अमेरिका से भी बड़ा समर्थन मिला है। वाशिंगटन में मानवाधिकार संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुक के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर की है।
शुक्रवार की शाम अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां 'हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स' और 'आजादी प्रोजेक्ट' नाम के संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास (washington indian embassy protest) के पास इकट्ठा हुए। दूतावास के निकट स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने खड़े होकर इन प्रदर्शनकारियों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में जमकर आवाज उठाई। कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर वांगचुक के आंदोलन को सही ठहराने और नीट परीक्षा में न्याय की मांग करने वाले नारे लिखे हुए थे।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया जब कार्यकर्ताओं ने भारत सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ हुआ है, उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके तुरंत इस्तीफे की मांग की।
28 जून से अनशन पर हैं वांगचुक
गौरतलब है कि देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित धांधली के विरोध में सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। जिसके बाद आज सुबह दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट के ऑर्डर का हवाला दिया। 'हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स' ने इस हफ्ते की शुरुआत में भारत सरकार से यह अपील भी की थी कि वे जिद छोड़ें और सोनम वांगचुक व उनके साथ बैठे अन्य प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले का समाधान निकालें। अब इस आंदोलन को मिले अंतरराष्ट्रीय समर्थन ने सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया है।
![]()
मोनू झाauthor
मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।
और पढ़ें
- Hindi News
- India
End of Article