Gajab Raat Title Controversy: बॉलीवुड के शानदार एक्टर मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) की आज नेटफ्लिक्स पर फिल्म 'गजब रात' (Gajab Raat) रिलीज हो चुकी है. हालांकि, इसकी रिलीज से पहले इसके टाइटल को लेकर विवाद हुआ था. इस फिल्म का शुरुआत में टाइटल घूसखोर पंडत था. जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया था. जिसके बाद मेकर्स को इसका टाइटल बदलना पड़ा. दरअसल, इस साल फरवरी में जब इसका टीजर रिलीज हुआ तो इसके टाइटल को लेकर सोशल मीडिया से लेकर कोर्ट तक इस पर भारी बवाल मच गया. फिल्म के टाइटल को लेकर लोगों ने नाराजगी जाहिर की. उनका कहना था कि ‘घूसखोर’ और ‘पंडत’ शब्दों को साथ इस्तेमाल करने से एक खास समुदाय को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है. मामला इतना बढ़ा कि मेकर्स के खिलाफ FIR भी दर्ज हुई और कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई. बाद में फिल्म का प्रमोशनल मटीरियल भी हटा दिया गया था. जिसके बाद टाइटल बदलकर गजब रात रखा गया. 

क्या है फिल्म 'गजब रात' की कहानी

मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म गजब रात आज ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर रिलीज की गई है. यह एक क्राइम थ्रिलर (Crime Thriller) पुलिस ड्रामा बताया जा रहा है, जिसे रितेश शाह ने डायरेक्ट किया है. इस फिल्म की कहानी पूरी तरह से एक ही रात की घटनाओं पर बेस्ड है. इसमें मनोज बाजपेयी एक ऐसे पुलिस वाले का रोल निभाते नजर आ रहे हैं जो अपने निजी फायदे और क्या सही है, इसके बीच उलझ जाता है. उस रात एक मनोज के एक फैसले से ऐसी घटनाओं की चेन शुरू होती है, जिससे पूरी स्थिति बेकाबू और 'गजब' हो जाती है. इस फिल्म की पूरा घटनाक्रम महज एक रात में सिमटा होने की वजह से इसे बेहद तेज तर्रार और सस्पेंस से भरपूर बनाता है. प्रोड्यूसर नीरज पांडे  हमेशा से शानदार सस्पेंस-थ्रिलर देने के लिए जाने जाते हैं और मनोज बाजपेयी का एक्टिंग  इस तरह के किरदारों में जान फूंक देती है. 

गजब रात पर लोगों ने कैसा दिया रिएक्शन है?

मनोज बाजपेयी की फिल्म आज ही रिलीज हुई है. हालांकि, अभी दर्शकों के पूरी तरह रिव्यू सामने नहीं आए हैं. हालांकि, एक्स पर कुछ लोगों ने फिल्म देखने के बाद मनोज बाजपेयी और फिल्म की कहानी की तारीफ की है. शुरुआती रिस्पॉन्स के मुताबिक, फिल्म के नाम को लेकर जो नकारात्मकता थी, वह टाइटल बदलने के बाद दूर हो गई है. लोग मनोज बाजपेयी की एक्टिंग और फिल्म के थ्रिलिंग स्क्रीनप्ले की तारीफ कर रहे हैं, वहीं, कुछ दर्शक कहानी की स्पीड को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं. बता दें कि गजब रात में मनोज बाजपेयी के अलावा साकिब सलीम, नुसरत भरूचा ,दिव्या दत्ता,अक्षय ओबेरॉय, श्रद्धा दास और कीकू शारदा जैसे कलाकार भी नजर आ रहे हैं. 

लोगों ने मनोज बाजपेयी की एक्टिंग की तारीफ

विजय किशोर तिवारी नाम के एक शख्स ने एक्स पर गजब रात में मनोज तिवारी की एक्टिंग की तारीफ करते हुए लिखा कि उन्होंने 
एक बार अपनी एक्टिंग से फिल्म में जान डाल दी है. उन्होंने लिखा, 'मनोज बाजपेयी सर ने अपनी दमदार एक्टिंग से एक बार फिर फिल्म में जान डाल दी है. #GajabRaat बेहतरीन एक्टिंग और भरपूर मनोरंजन से भरी एक शानदार फिल्म है.' वहीं. दूसरे ने नीरज पांडे की राइटिंग की तारीफ की और मनोज पर परफॉर्मेंस को मजेदार और शानदार बताया. 

फिल्म के टाइटल को लेकर क्यों हुआ था विवाद?

दरअसल, मनोज बाजपेयी फिल्म गजब रात का सबसे पहले टाइटल घूसखोर पंडत था. जब इसका टीजर नेटफ्लिक्स पर आया तो इसके टाइटल को लेकर बवाल हो गया था. फिल्म के टाइटल में 'घूसखोर' और 'पंडत' शब्दों को एक साथ जोड़े जाने की वजह से ब्राह्मण समुदाय, साधु-संतों और कई सामाजिक संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी. विरोध करने वालों का कहना था कि यह टाइटल एक पूरे  ब्राह्मणों समुदाय को भ्रष्टाचार से जोड़कर दिखाता है, जो जातिवादी, अपमानजनक और उनकी गरिमा व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है. इस विवाद की वजह से दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए याचिकाएं दायर की गईं और मेकर्स के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई. सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के दखल के बाद नेटफ्लिक्स और मेकर्स फिल्म का नाम बदलने पर राजी हुए. जिसके बाद ये विवाद थमा. 

टाइटल पर छिड़े विवाद पर मनोज का रिएक्शन

मनोज बाजपेयी ने गजब रात के टाइटल विवाद पर भी अपनी बात रखी. जूम संग बातचीत में एक्टर ने बताया कि फिल्म का नाम शुरू से 'घूसखोर पंडित' नहीं था. फिल्म के क्लैपबोर्ड पर कोई दूसरा नाम लिखा हुआ था. बाद में टीम को लगा कि 'घूसखोर पंडित' नाम फिल्म के किरदार को ज्यादा सही तरीके से दिखाता है. इसलिए प्रमोशन के दौरान इस नाम को अपनाया गया. एक्टर ने कहा कि हमने तुरंत इस पर ध्यान दिया, इसे ठीक किया और फिल्म पोस्ट-प्रोडक्शन में चली गई. मनोज बाजपेयी ने इस बात से भी इनकार किया कि टाइटल को लेकर हुए विवाद की वजह से फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ाई गई. उन्होंने कहा कि फिल्म की रिलीज हमेशा इसी समय के आसपास तय थी. इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ.

वहीं, फिल्म के प्रोड्यूसर नीरज पांडे ने सफाई देते हुए कहा था कि ये फिल्म एक फिक्शन पुलिस कहानी है और ‘पंडत’ सिर्फ फिल्म के एक फिक्शन किरदार का बोलचाल वाला नाम है. उनका कहना था कि फिल्म का मकसद किसी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी करना नहीं है.

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