कुरुक्षेत्र के झांसा रोड पर बने फाटक से गुजरते व्हीकल। इसे अंडरपास की तरह बनाया जाएगा।

कुरुक्षेत्र शहर में करीब 447 करोड़ रुपए की लागत से बने एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के शुरू होने के साथ शहर के रेलवे फाटक इतिहास बन गए। अब अगले चरण में पुराने फाटकों पर अंडरपास जैसी क्रॉसिंग बनेगी।

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इसे सड़क के हिसाब से विकसित किया जाएगा, ताकि लोगों को बिना किसी रुकावट के आवागमन की सुविधा मिल सके। हालांकि अभी पुरानी रेलवे लाइन को हटाया नहीं गया है। सिर्फ फाटक हटा दिए गए हैं। इनमें से तीन प्रमुख फाटकों पर अंडरपास जैसी सड़क बनाई जाएगी।

जिससे बसों, ट्रकों और दूसरे भारी वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो सके। अभी झांसा रोड, अंबेडकर चौक के पास और शास्त्री मार्केट वाले फाटक से भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद है। इसका असर शहर के ट्रैफिक पर पड़ रहा है।

शहर का एलिवेटेड रेलवे ट्रैक।

शहर का एलिवेटेड रेलवे ट्रैक।

लंबा चक्कर काटकर जा रहे भारी व्हीकल

बता दें कि, अभी बसों और ट्रकों को LNJP अस्पताल के सामने वाले रास्ते से लंबा चक्कर लगाकर झांसा रोड तक पहुंचना पड़ रहा है। इसे देखते हुए रेलवे इन 3 फाटकों पर खुदाई कर सड़क का लेवल बराबर करेगा और भारी वाहनों के लिए आसान रास्ता तैयार करेगा। इसके अलावा थर्ड गेट से भी व्हीकल की आवाजाही आसानी से हो रही है।

झांसा रोड पर साढ़े 5 फीट का स्लोप बना है।

झांसा रोड पर साढ़े 5 फीट का स्लोप बना है।

झांसा रोड फाटक पर बनेगा 5.5 फीट का स्लोप

पूर्व मंत्री सुभाष सुधा के मुताबिक, झांसा रोड के फाटक संख्या-65 पर रेलवे ट्रैक की ऊंचाई कम है। इस कारण बस और ट्रक जैसे भारी वाहन वहां से नहीं निकल पा रहे हैं। रेलवे यहां करीब 5.5 फीट का विशेष स्लोप तैयार करेगा, जिससे बड़े वाहन आसानी से सड़क पार कर सकेंगे।

लंबा चक्कर खत्म होगा, ट्रैफिक को मिलेगी राहत

इसी तरह अंबेडकर चौक और शास्त्री मार्केट के फाटक पर भी सड़क को नए लेवल के अनुसार तैयार किया जाएगा। तीनों फाटकों पर सड़क तैयार होने के बाद शहर के अंदर भारी वाहनों का दबाव कम होगा। नए रास्ते बनने के बाद लोगों को सीधा और छोटा रास्ता मिलेगा। साथ ही फ्यूल और टाइम की बचत होगी।

प्रदेश का पहला एलिवेटेड ट्रैक, जिस पर फ्लेटफॉर्म बना है।

प्रदेश का पहला एलिवेटेड ट्रैक, जिस पर फ्लेटफॉर्म बना है।

5.84 किलोमीटर लंबा ट्रैक

कुरुक्षेत्र के एलिवेटेड रेलवे ट्रैक की लंबाई 5.84 किलोमीटर है। इसका शिलान्यास 22 अगस्त 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था। इस परियोजना के साथ हरियाणा का पहला एलिवेटेड रेलवे प्लेटफॉर्म भी तैयार हुआ है, जिसकी लंबाई करीब 600 मीटर है। इससे रेलवे स्टेशन की सुविधाओं में भी बड़ा बदलाव आया है।

116 साल पुरानी रेलवे लाइन का बदला स्वरूप

कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलवे लाइन का इतिहास करीब 116 साल पुराना है। यह लाइन वर्ष 1916 में बिछाई गई थी। उस समय रेलवे लाइन शहर के बाहरी हिस्से में थी, लेकिन समय के साथ आबादी बढ़ी और लाइन शहर के बीचोंबीच आ गई। लगातार बढ़ते ट्रैफिक और रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनाया गया।