कर्मचारियों को साय सरकार की बड़ी सौगात : ई-कोष से मिनटों में मिल रहा ब्याजमुक्त डिजिटल ऋण, हजारों कर्मचारी उठा रहे लाभ
छत्तीसगढ़ सरकार की वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना से कई सरकारी कर्मचारी लाभान्वित हो रहे हैं। ई-कोष के जरिए मिल रही ब्याज-मुक्त डिजिटल ऋण सुविधा।
वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ
- Published: 20 Jul 2026, 05:28 PM IST
- Last Updated: 20 Jul 2026, 05:33 PM IST
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार की 'वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना (Short Term Credit Against Salary)' अब सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बन चुकी है। आकस्मिक वित्तीय जरूरतों के समय बिना ब्याज मिलने वाली यह डिजिटल ऋण सुविधा हजारों कर्मचारियों तक पहुंच रही है। योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को निजी साहूकारों और महंगे पर्सनल लोन से बचाते हुए उन्हें त्वरित और सम्मानजनक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
कर्मचारी कल्याण और सुशासन की दिशा में अहम कदम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 8 जुलाई 2026 को मंत्रालय महानदी भवन में इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया था। इस दौरान उन्होंने योजना का ब्रोशर भी जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सरकारी कर्मचारियों को आकस्मिक परिस्थितियों में सम्मानजनक, त्वरित और आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। उन्होंने इसे कर्मचारी हित और सुशासन को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद पूरे प्रदेश में लागू हुई योजना
राज्य मंत्रिपरिषद ने 30 सितंबर 2025 को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद वित्त विभाग ने आवश्यक नियम, तकनीकी प्रक्रिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया। सभी तैयारियों के बाद योजना को 16 मार्च 2026 से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया। वर्तमान में सरकारी कर्मचारी इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
ई-कोष पोर्टल से कुछ ही मिनटों में मिल रहा ऋण
योजना को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। इसके लिए वित्त विभाग ने बेंगलुरु की फिनटेक कंपनी Refyne Tech Private Limited को तकनीकी सेवा प्रदाता नियुक्त किया है। पूरी व्यवस्था राज्य सरकार के ई-कोष (eKosh Online) पोर्टल के Employee Corner से संचालित हो रही है। कर्मचारी ऑनलाइन लॉगिन कर ई-केवाईसी और डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी करते हैं, जिसके बाद स्वीकृत राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती है। आवेदन के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने या लंबी मंजूरी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होती।

हजारों कर्मचारी उठा चुके हैं योजना का लाभ
योजना के शुरुआती दो महीनों में ही 73 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने ई-कोष पोर्टल पर पंजीकरण कराया। इनमें से 27 हजार से अधिक कर्मचारी ब्याज-मुक्त अल्पकालिक ऋण सुविधा का लाभ भी प्राप्त कर चुके हैं। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के अनुसार, फिनटेक आधारित इस मॉडल को इस तरह विकसित किया गया है कि कर्मचारियों को तत्काल राहत मिले और राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार भी न पड़े।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- आकस्मिक जरूरत पर बिना ब्याज अल्पकालिक ऋण।
- पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस आवेदन प्रक्रिया।
- ई-कोष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन।
- ई-केवाईसी और डिजिटल हस्ताक्षर के बाद सीधे बैंक खाते में राशि।
- कार्यालयों के चक्कर और मैन्युअल स्वीकृति की जरूरत नहीं।
- वेतन से स्वतः मासिक किस्त कटने की सुविधा।
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) July 8, 2026
जरूरत पड़ने पर 5 वर्ष तक के ऋण का भी विकल्प
यदि किसी कर्मचारी को अधिक राशि की आवश्यकता होती है, तो वे अपने वेतनमान और पद के अनुसार अधिकतम 60 माह तक की अवधि का ऋण भी ले सकते हैं। यह ऋण सामान्य पर्सनल लोन की तुलना में लगभग 1.5 से 2 प्रतिशत कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है। इसकी मासिक किस्तें कर्मचारी के वेतन से स्वतः कट जाती हैं।
आर्थिक सुरक्षा के साथ बढ़ रहा कर्मचारियों का भरोसा
योजना से कर्मचारियों को आकस्मिक वित्तीय संकट के समय तत्काल सहायता मिल रही है। इससे वे आर्थिक दबाव से राहत पाकर अपने शासकीय दायित्वों का अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहे हैं। कर्मचारी कल्याण, डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाली यह पहल छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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