'करंट दिया, छाती पर डंडे मारे, लड़कियों के कपड़े तक फाड़े', अखिलेश की पत्नी डिंपल ने दिल्ली पुलिस की खोली पोल
Published: Monday, July 20, 2026, 20:15 [IST]
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दिल्ली में हुए 'संसद चलो' मार्च के बाद सियासत और तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी सांसद और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। कुछ छात्रों को करंट दिया गया, कई के सीने पर डंडे मारे गए और छात्राओं के कपड़े तक फट गए।
डिंपल यादव ने इसे लोकतंत्र के लिए 'काला दिन' बताया और कहा कि विपक्ष इस पूरे मामले को संसद में मजबूती से उठाएगा। वहीं दिल्ली पुलिस ने दूसरी ओर प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर पथराव होने और जवानों के घायल होने की बात कही है।
डिंपल यादव ने पुलिस कार्रवाई पर क्या कहा?
संसद पहुंचने से पहले मीडिया से बात करते हुए डिंपल यादव ने कहा कि 20 जुलाई का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काले दिन के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिसकी उम्मीद किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में नहीं की जा सकती।
डिंपल यादव ने कहा,
"स्टूडेंट्स को पीटा गया है। आज का दिन डेमोक्रेसी और हमारे इतिहास के लिए एक काले दिन के तौर पर याद किया जाएगा। आप कुछ पुलिसवालों की आंखों में शर्म भी देख सकते थे। फिर भी ड्यूटी के दौरान, उन्होंने अपने नेम बैज उतार दिए और आगे बढ़ गए। कुछ पुलिसवाले गुंडों जैसा बर्ताव कर रहे थे। कुछ लोग कोऑपरेटिव थे, तो कुछ यूनिफॉर्म पहनकर आए और स्टूडेंट्स को पीटा, यहां तक कि उन्हें इलेक्ट्रिक शॉक भी दिए। नियम के उलट कि सिर्फ पैरों पर ही जोर देना चाहिए, उन्होंने स्टूडेंट्स की छाती पर मारा। आज उन्होंने भारत मां के दिल पर सीधा वार किया है। यहां तक लड़कियों के कपड़े तक फाड़े गए हैं।''
डिंपल यादव ने बोला- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा
डिंपल यादव ने कहा,
''हम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग करते हैं। सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। क्या यही आपका "न्यू इंडिया" है, जहां बेटियों के कपड़े फाड़े जाते हैं? हम कई स्टूडेंट्स से मिले जिनके कपड़े फाड़े गए थे। यह सच में बहुत बुरा है। शायद भारत के इतिहास में कभी इतनी घमंडी, बेरहम और बेरहम सरकार नहीं रही, जो निहत्थे स्टूडेंट्स पर लाठियां चला रही हो। मैं उन सभी को सलाम करता हूं जिन्होंने इतना पक्का इरादा दिखाया और गहरी भावना के साथ यहां आए।''
डिंपल यादव ने आगे कहा, ''सीजेपी वालों ने शांति से प्रदर्शन किया था। उन्होंने शांति से मार्त किया। ये लोग (सरकार) नहीं चाहते कि देश संविधान के हिसाब से चले, वे इसे RSS की सोच के हिसाब से चलाना चाहते हैं। हम अब पार्लियामेंट जा रहे हैं। हम इस मुद्दे को हाउस में जोरदार तरीके से उठाएंगे, और उसके बाद, हम जंतर-मंतर लौटने की कोशिश करेंगे।"
दिल्ली पुलिस का क्या कहना है?
उधर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग को लेकर अलग तस्वीर पेश की। पुलिस का कहना है कि संसद मार्ग के पास प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और कुछ जगह पथराव भी हुआ, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए। एक सब-इंस्पेक्टर ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात जवानों पर पत्थर फेंके गए, जिसके बाद हालात संभालने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी।
अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी पर भी विवाद
CJP ने दावा किया था कि उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया। दिल्ली पुलिस ने X पर कहा, "अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। वह मंच पर मौजूद हैं और उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया है।"
इससे पहले अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक के आग्रह पर अपना अनशन समाप्त कर दिया था। वहीं खराब स्वास्थ्य के चलते सोनम वांगचुक को पहले ही सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है।
CJP के संसद मार्च के बाद अब यह विवाद सड़क से संसद तक पहुंच चुका है। विपक्ष पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही का मुद्दा उठाने की तैयारी में है। दूसरी तरफ सरकार और दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।