झांसी के सेवायोजन कार्यालय में गुरुवार को आयोजित रोजगार मेले में उन लोगों के ज्ञान पर ही सवाल खड़े हो गए, जिन्होंने अभ्यर्थियों का ज्ञान परखने के लिए इंटरव्यू आयोजित किया था।
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जिस 'नक्शा (NAKSHA) प्रोजेक्ट' के तहत युवाओं की भर्ती के लिए इंटरव्यू लिए जा रहे थे, उसी प्रोजेक्ट का नाम सूचना बोर्ड पर गलत लिखा गया था। रोजगार मेले में पहुंचे अभ्यर्थियों और अन्य लोगों ने भी इस गलती पर हैरानी जताई।
सेवायोजन कार्यालय में आयोजित रोजगार मेले में केंद्र सरकार के नक्शा प्रोजेक्ट के लिए 52 अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू दिया, जबकि 19 युवाओं ने अन्य निजी फर्मों में रोजगार के लिए आवेदन किया। दरअसल, केंद्र सरकार ने डिजिटल भूमि रिकॉर्ड तैयार करने के उद्देश्य से "शहरी बस्तियों का राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान-आधारित भूमि सर्वेक्षण (NAKSHA)" परियोजना शुरू की है। इसके तहत नगर निगम शहरी क्षेत्रों में मकानों और भूखंडों का सर्वे कर डिजिटल डेटा तैयार कर रहा है।
इसी परियोजना के लिए झांसी नगर निगम ने संविदा के आधार पर 52 पदों पर भर्ती निकाली है। इन पदों के लिए आईटीआई और डिप्लोमा धारक युवाओं से आवेदन मांगे गए थे। गुरुवार को सेवायोजन कार्यालय में आयोजित रोजगार मेले में संयोग से 52 पदों के लिए 52 ही अभ्यर्थी इंटरव्यू देने पहुंचे। इंटरव्यू ले रहे विवेक ने बताया कि नगर निगम द्वारा शहर में प्रॉपर्टी आईडी जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए मकानों और संपत्तियों का डिजिटल सर्वे कराया जा रहा है। इसी कार्य के लिए तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं का चयन किया जा रहा है। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया के दौरान जिस नक्शा (NAKSHA) प्रोजेक्ट के लिए इंटरव्यू लिए जा रहे थे, उसी का नाम सूचना बोर्ड पर नक्शा की जगह “नक्सा” लिखा हुआ था। ऐसे में कई अभ्यर्थियों ने नगर निगम अधिकारियों के ज्ञान पर ही सवाल खड़े कर दिए। उपस्थित लोगों का कहना था कि जब भर्ती कराने वाली एजेंसियां ही परियोजना का सही नाम नहीं लिख पा रही हैं, तो यह गंभीर लापरवाही है।
मांगे थे आईटीआई डिप्लोमा धारक, मिल गए बीटेक
चार महीने चलने वाले नक्शा प्रोजेक्ट में काम करने के लिए नगर निगम ने अभ्यर्थियों की न्यूनतम योग्यता आईटीआई डिप्लोमा मांगी है। लेकिन इंटरव्यू में इंजीनियरिंग की डिग्री वाले अभ्यर्थी भी इंटरव्यू देने पहुंचे। ऐसे में उन अभ्यर्थियों के लिए अब ये नौकरी पाने की प्रतिस्पर्धा और कठिन हो गई है।