जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के तहत भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है. 28 जून से 23 जुलाई तक वे अनशन पर रहे, लेकिन अनशन के 27वें दिन बीती रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उन्होंने अनशन तोड़ा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने देररात करीब 12.30 बजे अस्पताल जाकर जूस पिलाकर सोनम का अनशन खत्म कराया. साथ ही प्रधानमंत्री मोदी उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना की.

Mr. Sonam Wangchuk has ended his fast after Union Ministers Shri JP Nadda and Shri Jitendra Singh met him at Medanta Hospital, Gurugram, and assured him of the government's commitment to address the concerns.

Shri JP Nadda said:

“The government is positive on not registering… pic.twitter.com/lVSr83Af8y

— BJP (@BJP4India) July 23, 2026

मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर दिया ये बयान

वहीं अनशन तोड़ने की वजह केंद्र सरकार से लंबी बातचीत, कुछ शर्तों पर सहमति और लिखित आश्वासन रहा. लेकिन बावजूद इसके सोनम वांगचुक कहते हैं कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए था, उनका और सरकार का ही भला होता. सोनम ने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो इससे न मेरा नुकसान होगा और न ही छात्रों का नुकसान होगा, लेकिन छात्रों को मुद्दे को न उठकार वे अपना और सरकार का नुकसान करा रहे, इस्तीफा दे देना चाहिए था.

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लिखित आश्वासन मिलने पर तोड़ा अनशन

सोनम वांगचुक ने कहा कि देशभर के कई राजनीतिक दलों के 60 से ज्यादा सांसदों ने उनसे अनशन खत्म करने की गुजारिश की थी. देश की गई जानी-मानी हस्तियों ने भी उनसे अनशन तोड़ने और अपनी सेहत का ध्यान रखने की अपील की थी. इस बीच केंद्र सरकार के साथ लंबी बातचीत हुई और केंद्र सरकार ने उनकी शर्तें मानकर लिखित आश्वासन दिया. साथ ही CJP के विरोध प्रदर्शन में हिंसा होने की आशंका के मद्देनजर अनशन तोड़ने का फैसला किया.

“Written assurance from govt, MPs of all political parties that issue of accountability in failing examination system will be discussed in Parliament.”

– Sonam Wangchuk on ending his hunger strike pic.twitter.com/VU2bL8OHTE

— News Arena India (@NewsArenaIndia) July 24, 2026

इन 3 बातों का लिखित आश्वासन मिला

लेह एपेक्स बॉडी के सह-संयोजक शेरिंग दोरजे लकरुक ने बताया कि केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक को 3 लिखित आश्वासन दिए. एक यह कि केंद्र सरकार जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और 20 मार्च को संसद मार्च में शामिल छात्रों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज नहीं करेगी. दूसरा यह कि नीट पेपर लीक के बाद जिन छात्रों ने सुसाइड की, उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा. तीसरा यह कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी होने पर जवाबदेही तय करने के मुद्दे पर केंद्र सरकार संसद में बहस कराएगी. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभी किसी तरह का आश्वासन केंद्र सरकार की ओर नहीं दिया गया है.

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