फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले ही दिन टालनी पड़ी सुनवाई, पेपर लीक मामले में नहीं पहुंचे सरकारी वकील

  • Written By:

    अर्पित शुक्ला

Updated On: Jul 27, 2026 | 03:34 PM IST

विज्ञापन

सार

 NEET Paper Leak Case: NEET-UG पेपर लीक मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली ही सुनवाई टल गई। सीबीआई के वकील के न पहुंचने पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए सुनवाई 3 अगस्त तक स्थगित कर दी।

rouse avenue court

दिल्ली कोर्ट (Image- Social Media)

विस्तार

 NEET Paper Leak Case Hearing: NEET-UG पेपर लीक मामले में विवाद के बाद सरकार का एक बड़ा वादा फास्ट ट्रैक कोर्ट का भी है। पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए बनाए गए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सोमवार को पहली सुनवाई होनी थी। पहले ही दिन झटका लगा और सुनवाई 3 अगस्त तक के लिए टाल दी गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पहले दिन की सुनवाई में ही सीबीआई के वकील नहीं पहुंचे। ऐसे में कोर्ट को अगली तारीख देनी पड़ी और सुनवाई टालनी पड़ी।

आरोपियों की जमानत पर सुनवाई

स्पेशल जज अनु ग्रोवर बलीगा की फास्ट ट्रैक कोर्ट में NEET पेपर लीक मामले में अरेस्ट हुए बिकास बिवाल और दिनेश बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी। आरोपियों के वकील एपी सिंह कोर्ट में मौजूद थे। वहीं सीबीआई की ओर से कोई भी वकील कोर्ट में नहीं पहुंचा। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस मामले में तत्काल लोक अभियोजक की नियुक्ति की जाए।

सरकार को वकील नियुक्त करने का निर्देश

दिल्ली के राउज अवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी थी, जो अब 3 अगस्त को होगी। अदालत ने कहा है कि अगली सुनवाई में बाकायदा नियुक्त किया गया सरकारी वकील मौजूद रहना चाहिए। मालूम हो कि हाल ही में पब्लिक एग्जीमिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनेफेयर मीन्स) ऐक्ट 2024 के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया।

सम्बंधित ख़बरें

इस कोर्ट में परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के मामलों की सुनवाई होगी। वहीं, सरकार ने इस कानून में बदलाव के लिए संशोधन विधेयक भी संसद में पेश किया है। इस नए कानून में जुर्माना करीब पांच गुना बढ़ा दिया गया है और आरोपियों के लिए 10 साल की कैद का भी प्रावधान किया गया है।

पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट

दिनेश और विकास बिवाल को सीबीआई ने पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है। जो 13 आरोपियों में शामिल हैं। इन पर नीट पेपर लीक होने के बाद इसे अभ्यर्थियों तक का आरोप है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को बताया था कि पेपर लीक से जुड़े मामलों पर जल्द फैसला के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा था कि सरकार के लिए युवाओं का हित प्राथमिकता है।

यह भी पढ़ें- छात्रों पर लाठीचार्ज पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! बोला- शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक हक, पुलिस की ज्यादती नहीं चलेगी

बता दें कि NEET पेपर लीक को लेकर ही कॉकरोच जनता पार्टी ने 36 दिनों तक जंतर-मंतर पर आंदोलन किया। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुल्स द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज भी किया गया। इसके बाद यह मामला लगातार बढ़ता ही चला गया। अब विपक्ष भी इस पूरे मामले को लेकर संसद में सरकार को घेर रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि उसे छात्रों से पूरी हमदर्दी है और इसीलिए धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस्तीफा दे दिया है।

Follow Navbharatlive whatsapp