संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी प्रदेशभर में 'श्रीगुरु संत रविदास महाराज सामाजिक समरसता संकल्प अभियान' शुरू करने जा रही है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने मंगलवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय म
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डॉ. सोलंकी ने बताया कि पूरे देश में यह अभियान गुरु पूर्णिमा के दिन दीपोत्सव के साथ शुरू होगा। मध्यप्रदेश के 62 संगठनात्मक जिलों और 1313 मंडलों में 29 जुलाई को 21 हजार स्थानों पर दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला मुख्यालयों पर स्थित संत रविदास मंदिरों में 650 दीपक जलाए जाएंगे। जिन स्थानों पर संत रविदास मंदिर नहीं हैं, वहां उनके चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता इस अभियान को प्रदेश के हर बूथ तक लेकर जाएंगे।

पांच चरणों में चलेगा अभियान
पहला चरण : 29 जुलाई को दीपोत्सव अभियान की शुरुआत पूरे प्रदेश में दीपोत्सव कार्यक्रमों के साथ होगी। 21 हजार स्थानों पर दीप जलाकर संत रविदास के समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
दूसरा चरण : वाराणसी से आएगी पावन माटी दूसरे चरण में संत रविदास की जन्मस्थली गोवर्धनपुर (वाराणसी) से पावन मिट्टी की कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा 29 जुलाई को देशभर में शुरू होकर तीन दिनों में भोपाल पहुंचेगी। सिंगरौली के रास्ते यह यात्रा मध्यप्रदेश में प्रवेश करेगी। मार्ग में पड़ने वाले गांवों और नगरों में कलश यात्रा का स्वागत एवं पूजन किया जाएगा।
भोपाल स्थित संत रविदास मंदिर में पवित्र कलश स्थापित किया जाएगा। इसके बाद मध्यप्रदेश के मंदिरों की मिट्टी भी इसमें मिलाई जाएगी और 62 संगठनात्मक जिलों के लिए 62 कलश तैयार किए जाएंगे। ये कलश रथ यात्राओं के माध्यम से जिला मुख्यालयों तक पहुंचेंगे, जहां से मंडल और मंदिर स्तर तक ले जाए जाएंगे।
तीसरा चरण : संत रविदास समरसता यात्रा
तीसरे चरण में संत रविदास महाराज की समरसता यात्रा निकाली जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर यह यात्रा पंजाब के जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लन से प्रारंभ होगी। राजस्थान की सीमा से मध्यप्रदेश में प्रवेश करने के बाद यह यात्रा उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंचेगी।
चौथा चरण : संत संपर्क अभियान
अभियान के चौथे चरण में प्रदेशभर के संत, महंत और गुरुजनों से संपर्क किया जाएगा। यह कार्यक्रम भी 29 जुलाई से 20 फरवरी 2027 तक चलेगा।
पांचवां चरण : छात्रावास संपर्क अभियान
अंतिम चरण में प्रदेश के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से संपर्क किया जाएगा। भाजपा कार्यकर्ता छात्रावासों में पहुंचकर अभियान के उद्देश्य से उन्हें जोड़ेंगे।
सभी वर्गों की भागीदारी से बनेगी समरस टोली
डॉ. सोलंकी ने बताया कि अभियान के पांचों चरणों में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ 'समरस टोली' बनाई जाएगी। इसमें अनुसूचित जाति के साथ अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के लोगों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समरसता के सभी कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों की भागीदारी के साथ आयोजित किए जाएंगे।