Time Updated: Wednesday, October 7, 2026, 18:55 [IST]

Rahul Gandhi Priyanka Gandhi Protest Ground Report: दिल्ली में बुधवार (7 अक्टूबर) को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन उस वक्त टकराव में बदल गया, जब विपक्षी सांसदों को जंतर-मंतर जाने से रोक दिया गया। पुलिस ने राहुल गांधी समेत कई सांसदों को हिरासत में लिया। मौके पर हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए, जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सड़क पर लेट गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें जमीन पर गिराया।

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर इलाके में BNSS की धारा 163 लागू है और बिना अनुमति मार्च या प्रदर्शन की इजाजत नहीं है। पुलिस के मुताबिक, सांसदों के साथ तय प्रोटोकॉल के तहत सम्मानजनक व्यवहार किया जा रहा है। Oneindia Hindi की Ground Report पर शिवेंद्र गौर और अनिल के कैमरे ने क्या-क्या कैद किया। आइए जानते हैं...

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पहले बस रोकी, फिर सड़क पर आमने-सामने हुए सांसद-पुलिस

INDIA ब्लॉक के सांसद तीन बसों में जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। सांसदों का कहना है कि वे चुनाव आयोग से मिलना चाहते थे और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे। पुलिस ने बसों को रास्ते में रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी समेत कई नेता बस से नीचे उतरे। सांसदों और सुरक्षाकर्मियों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। राहुल गांधी भीड़ के बीच से आगे बढ़ते नजर आए। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि उन्हें जंतर-मंतर जाने से जानबूझकर रोका गया।

राहुल गांधी को पकड़कर वैन में बैठाया गया

जंतर-मंतर की तरफ बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हिरासत में ले लिया। वीडियो में सुरक्षाकर्मी उन्हें पकड़कर आगे ले जाते और फिर पुलिस वाहन में बैठाते दिखाई दे रहे हैं। राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाना चाहिए। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन स्थल तक जाने से रोकने के लिए बल प्रयोग किया।

प्रियंका गांधी सड़क पर लेट गईं

इसी दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा भी पुलिस के घेरे में आ गईं। प्रियंका ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने सांसदों के साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें कई जगह खरोंचा और जमीन पर गिराया। कुछ देर बाद प्रियंका सड़क पर लेट गईं। बताया गया कि उस वक्त उनकी तबीयत भी ठीक नहीं लग रही थी। प्रियंका ने मौके पर कहा कि वह वहां से नहीं हटेंगी और पुलिस अपनी फोर्स वापस बुलाए। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उनसे समझाने और वहां से हटने की अपील की।

हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि इस सरकार को हटाने के अलावा अब कोई और रास्ता नहीं बचा है। मैं हर देशवासी से कहना चाहती हूं कि इस सरकार को हटाओ। अगर आप इस सरकार को नहीं हटाएंगे, तो ये देश खाई में जाएगा। ये दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लोकतंत्र मतलब जनता का राज। इसके कुछ उसूल हैं, जो संविधान में हैं। इस सरकार को संविधान के लिए काम करना चाहिए, लेकिन ये सरकार सारे सिद्धांत तोड़ रही है। कल से 300 से ज्यादा सांसद कह रहे हैं कि हम चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं। हम उनको 'वोट चोरी' के बारे में बताना चाहते हैं और उनका इस्तीफा मांगना चाहते हैं, क्योंकि हमें उनके ऊपर विश्वास नहीं है। चुनाव आयोग देश की जनता के लिए चलता है और हम जनता के प्रतिनिधि हैं। हम शांतिपूर्वक जाकर उनसे बात करना चाहते हैं, लेकिन सरकार इतनी कायर है कि वो जनता की आवाज से डरती है। इसलिए हर जगह प्रदर्शन रोक रही है।

'सांसदों को पीटा गया', विपक्ष का पुलिस पर आरोप

कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के कई सांसदों ने पुलिस पर बल प्रयोग के आरोप लगाए। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर जाना चाहता था, लेकिन उसे रोका जा रहा है। उन्होंने दिल्ली में भारी पुलिस तैनाती पर भी सवाल उठाए। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती करने का आरोप लगाया। वहीं प्रियंका गांधी ने दावा किया कि सांसदों को पीटा गया और पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी बदसलूकी की।

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प्रियंका को बहुत जोर धक्का दिया गया- पप्पू यादव

Oneindia के कैमरे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि ज्ञानेश कुमार की असली जगह तिहाड़ जेल है। वहीं, प्रदर्शन में शामिल सांसद पप्पू यादव ने बताया कि प्रियंका गांधी की दिल्ली पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। बहुत तेज प्रियंका को धक्का लगा और वो सड़क पर गिर गईं। इसके बाद, प्रियंका वहीं लेट गईं।

पुलिस का पक्ष: बिना अनुमति मार्च की इजाजत नहीं

दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने कहा कि जंतर-मंतर इलाके में BNSS की धारा 163 लागू है। उनके मुताबिक, बिना अनुमति प्रदर्शन या मार्च की अनुमति नहीं है। DCP ने कहा कि INDIA ब्लॉक के सांसद तीन बसों में आ रहे थे और उनका गंतव्य जंतर-मंतर बताया गया था। चूंकि प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी, इसलिए पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोका। उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों के साथ पुलिस का व्यवहार सम्मानजनक रहेगा और तय प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।

एक दिन पहले भी संसद से चुनाव आयोग तक मार्च की कोशिश

यह विरोध प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ। एक दिन पहले, 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के 200 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय की तरफ मार्च किया था। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने आकाशवाणी परिसर में करीब 8 घंटे धरना दिया था। बाद में आकाशवाणी परिसर में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के मामले में राहुल और प्रियंका के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की बात सामने आई।

आज के प्रदर्शन से पहले सांसदों ने किया लंच

जंतर-मंतर जाने से पहले INDIA ब्लॉक के सांसद जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट पहुंचे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी सांसदों के लिए लंच आयोजित किया था। करीब डेढ़ घंटे तक सांसदों ने वहां बातचीत की। इसके बाद सभी सांसद बसों से जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए।

'ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा'

प्रदर्शन में विपक्षी सांसद लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते रहे। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है और जंतर-मंतर इसी तरह के प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थान है। CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा कि सांसदों को हिरासत में लेने या लाठीचार्ज से मुद्दा खत्म नहीं होगा। RJD सांसद मनोज झा ने भी सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया।