Pushya Nakshatra 2026 Date: ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं में इसे समृद्धि, शुभता और उन्नति से जोड़कर देखा जाता है. यही वजह है कि पुष्य नक्षत्र के दौरान खरीदारी, निवेश, व्यापार से जुड़े काम और नए कार्य की शुरुआत करने की परंपरा कई जगहों पर देखने को मिलती है. साल 2026 में 5 अक्टूबर, सोमवार को पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है. सोमवार के दिन पड़ने की वजह से इसे सोम पुष्य नक्षत्र कहा जाएगा. द्रिक पंचांग के अनुसार 5 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र रात करीब 11:09 बजे तक रहेगा. यानी दिन का बड़ा हिस्सा पुष्य नक्षत्र के प्रभाव में रहेगा. आइए जानते हैं ज्योतिष में इसे इतना खास क्यों माना गया है.

पुष्य नक्षत्र का महत्व

ज्योतिषीय मान्यताओं में पुष्य नक्षत्र को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है. इसका संबंध गुरु ग्रह से माना जाता है और गुरु को ज्ञान, धर्म, विस्तार और समृद्धि का कारक माना जाता है. इसी वजह से पुष्य नक्षत्र को धन और उन्नति से जोड़कर देखा जाता है. कई धार्मिक परंपराओं में पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा’ भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस नक्षत्र में शुरू किए गए काम लंबे समय तक चल सकते हैं और उनमें स्थिरता रहती है.

इस दिन क्या करना शुभ माना जाता है?

पुष्य नक्षत्र में सोना, चांदी, आभूषण, वाहन या घर से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी करने की परंपरा कई परिवारों में है. इसके अलावा व्यापार से जुड़े नए काम शुरू करने, दुकान या ऑफिस में नई शुरुआत करने और जरूरी निवेश करने के लिए भी इस नक्षत्र को शुभ माना जाता है.

धन-वैभव के लिए क्या कर सकते हैं?

सोम पुष्य नक्षत्र के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और अपने इष्ट देव की पूजा करें. भगवान शिव की पूजा करना भी सोमवार के कारण विशेष माना जाता है. शिवलिंग पर जल अर्पित कर सकते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-पाठ कर सकते हैं. धन-समृद्धि की कामना रखने वाले लोग मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का ध्यान कर सकते हैं. घर में दीपक जलाकर सुख-समृद्धि की कामना करना भी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है.इस दिन जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी शुभ माना जाता है.

खरीदारी और नए काम के लिए क्यों खास है?

पुष्य नक्षत्र को स्थिर और शुभ कामों के लिए अनुकूल मानने की वजह से इस दिन लोग सोना-चांदी, आभूषण, वाहन और दूसरी उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी करते हैं. कुछ लोग इस दिन नया कारोबार शुरू करने या व्यापार से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम करने की योजना भी बनाते हैं.

सोम पुष्य नक्षत्र पर करें ये काम

5 अक्टूबर को सोमवार और पुष्य नक्षत्र का संयोग होने के कारण इसे धार्मिक दृष्टि से भी खास दिन माना जा रहा है. इस दिन भगवान शिव की पूजा, मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का ध्यान, जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

वरुण चौहान

वरुण चौहान

इलेक्‍ट्रानिक और डिजिटल मीडिया में करीब एक दशक से ज्यादा का अनुभव. 2008 में एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT) नोएडा से पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद कुछ अलग और नया करने की सोच के साथ मीडिया में अपने सफर की शुरुआत की. शुरुआत से ही मेरी रुचि उन विषयों को आम लोगों तक पहुंचाने में रही है, जो भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं से जुड़े हैं. अपने करियर के दौरान Channel One News, Sahara Samay, A2Z News, News Express, National Voice और पंजाब केसरी डिजिटल जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. इन संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, फील्ड रिपोर्टिंग,और डिजिटल कंटेंट को सीखने का अनुभव मिला. फिलहाल देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में धर्म और आस्था से जुड़ी खबरों, धार्मिक आयोजनों, ज्योतिष, वास्तु, पौराणिक कथाओं, मंदिरों की परंपराओं और व्रत-त्योहारों से जुड़े विषयों को सरल, सहज और तथ्यपूर्ण भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहा हूं. महाकुंभ 2025 की कवरेज मेरे करियर के महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, अखाड़ों की परंपराओं, संत समाज की गतिविधियों और कुंभ से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर विस्तार से लिखने का अवसर मिला. इसके अलावा चारधाम यात्रा, सावन, नवरात्रि, दीपावली, होली, छठ पूजा, अमरनाथ यात्रा, रमज़ान और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों पर भी लगातार लेखन किया है. भारतीय संस्कृति, धर्म-दर्शन, ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, पुराणों और लोक आस्थाओं के अध्ययन में विशेष रुचि रखता हूं. मेरा प्रयास हमेशा यही रहता है कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें.

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