यूपी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने रायबरेली सांसद राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिशा बैठक में राहुल ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना पर सवाल उठाकर मातृशक्ति का अपमान किया और विकास कार्यों के बजाय केवल खामियां तलाशने की राजनीति की।

UP minister Dinesh Pratap Singh targeted Rahul Gandhi (file photo)

यूपी के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना (फाइल फोटो)

  • Published: 10 Sep 2026, 06:24 PM IST
  • Last Updated: 10 Sep 2026, 06:24 PM IST

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उद्यान एवं कृषि विपणन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने रायबरेली के सांसद राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि रायबरेली में आयोजित दिशा समिति की बैठक में राहुल गांधी का जोर जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने के बजाय ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी संवेदनशील योजनाओं में खामियां निकालकर राजनीति करने पर अधिक रहा।

​‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पर सवाल उठाने का आरोप

राज्यमंत्री ने कहा कि दिशा बैठक में राहुल गांधी ने अधिकारियों से पूछा कि इस योजना में क्या होता है और इसके प्रचार-प्रसार पर कितना खर्च हुआ। उन्होंने कहा कि समिति के अध्यक्ष को योजना की बुनियादी समझ न होना निराशाजनक है। दिनेश प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि मातृशक्ति और बेटियों के सम्मान से जुड़ा संकल्प है।

​'डरो मत' के नारे और बंद कमरे के लोकार्पण पर तंज

राहुल गांधी के ‘डरो मत’ संदेश पर कटाक्ष करते हुए मंत्री ने कहा कि रायबरेली में सांसद निधि के विकास कार्यों का लोकार्पण राहुल ने अपने निजी आवास के अंदर से किया, जबकि बाहर गेट पर ताला लगा रहा। उन्होंने कहा कि सुबह से इंतजार कर रहे मीडिया और जनता के सामने आकर उन्होंने शुभकामनाएं तक नहीं दीं। साथ ही आरोप लगाया कि बैठक में दिल्ली से आए तीन लोग राहुल को पीछे बैठकर पर्चियों के जरिए निर्देश दे रहे थे।

​सुरक्षा व्यवस्था और अखिलेश के दौरे पर प्रतिक्रिया

योगी सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनता की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है, जिसकी सराहना वैश्विक स्तर पर हो रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे पर हेलीपैड अनुमति विवाद पर बोलते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने उन्हें कहीं जाने से नहीं रोका; यह पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया का विषय था।