राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 बड़ी बातें

  1. पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन एक भी दोषी को सजा नहीं मिली।
  2. शिक्षा व्यवस्था धांधली और भ्रष्टाचार से प्रभावित हो चुकी है।
  3. NEET की तैयारी पर परिवार जितना खर्च करते हैं, वह लगभग केंद्र के शिक्षा बजट के बराबर है।
  4. धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से हटाने की मांग दोहराई।
  5. प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई करने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
  6. प्रधानमंत्री से छात्रों से सार्वजनिक माफी मांगने की अपील की।
  7. रोजगार के अवसर घटने और पेपर लीक को युवाओं की नाराजगी की बड़ी वजह बताया।
  8. कांग्रेस ने छात्रों के आंदोलन को 100% समर्थन देने का ऐलान किया।
  9. कहा कि विपक्ष ने पहले संसद में चर्चा की मांग की, लेकिन अनुमति नहीं मिलने पर पीएम आवास तक मार्च किया।
  10. कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप मायने नहीं रखते, असली मुद्दा छात्रों का भविष्य और शिक्षा व्यवस्था है।

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा व्यवस्था और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोमवार को शिक्षा संबंधी मुद्दों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था अब भरोसेमंद नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, यानी औसतन हर महीने एक पेपर लीक हुआ, लेकिन एक भी दोषी को सज़ा नहीं मिली।

राहुल गांधी ने कहा, "जिस एजुकेशन सिस्टम को कभी दुनिया के सबसे अच्छे सिस्टम में गिना जाता था, वह आज धांधली वाला सिस्टम बन गया है। हर महीने लाखों छात्रों से कहा जाता है कि जिस तनाव से वे गुज़रे हैं, उसे फिर से झेलना होगा। 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार इससे प्रभावित हैं। ये मिडिल क्लास और गरीब परिवार हैं, जो अपनी मेहनत की कमाई बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं। इसके बावजूद सरकार दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं करती। पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन एक भी सज़ा नहीं हुई। कुछ लोग पूरे एजुकेशन सिस्टम और छात्रों के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से ज़ीरो एक्शन है।"

हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया गया है।

⦿ 152 पेपर लीक हुए
⦿ 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए
⦿ किसी एक को भी सजा नहीं मिली

यही कारण है कि देश के लाखों छात्र विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं।

: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi pic.twitter.com/Cs7sYn1XSe

— Congress (@INCIndia) July 22, 2026

'NEET की तैयारी पर परिवार जितना खर्च करते हैं, उतना ही सरकार पूरे शिक्षा बजट पर खर्च करती है'- राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि देश की शिक्षा व्यवस्था सिर्फ धांधली का शिकार नहीं है, बल्कि आम परिवारों के लिए बेहद महंगी भी हो गई है। उन्होंने कहा कि NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी पर परिवार हर साल लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं, जबकि केंद्र सरकार का शिक्षा बजट करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये है।

राहुल गांधी ने कहा, "सिस्टम सिर्फ धांधली वाला ही नहीं, बल्कि अफोर्डेबल भी नहीं है। एक परीक्षा देने वाले परिवारों पर लगभग उतना ही पैसा खर्च होता है, जितना सरकार पूरे शिक्षा बजट पर खर्च करती है। यह इन परिवारों से सीधी चोरी है। पहले उनसे भारी रकम खर्च कराई जाती है और फिर उन्हें बताया जाता है कि पेपर लीक हो गया। यही वजह है कि आज देश के नौजवान सड़कों पर हैं और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।" 

राहुल गांधी ने छात्रों की तीन मांगों का किया समर्थन

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज़ हैं और कांग्रेस उनका समर्थन करती है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह शिक्षा मंत्री के तौर पर विफल रहे हैं और उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने छात्रों की तीन प्रमुख मांगों का ज़िक्र करते हुए कहा-

1. धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए: राहुल गांधी ने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने दिखा दिया है कि शिक्षा मंत्री इस व्यवस्था को संभालने में असफल रहे हैं, इसलिए उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।

2. छात्रों पर कार्रवाई के जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो: उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई करने वाले और इसके आदेश देने वाले सभी लोगों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

3. छात्रों से माफी मांगी जाए: राहुल गांधी ने कहा कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए जवाबदेह लोगों को छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक और अव्यवस्था ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों की मांगों और उनके आंदोलन का पूरा समर्थन करती है।

'युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते बंद, शिक्षा व्यवस्था भी महंगी और धांधली से भरी'- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने क्या कहा?
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि आज के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ़ पेपर लीक नहीं, बल्कि रोजगार के सीमित अवसर भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पढ़ाई पूरी करने और डिग्री हासिल करने के बाद भी युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के रास्ते लगातार बंद हो रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा, "डॉक्टर, वकील या अन्य पेशेवर बनने के बाद भी युवाओं को बताया जाता है कि उनके लिए रोजगार के अवसर नहीं हैं। मैन्युफैक्चरिंग कमजोर हो रही है, उद्यमियों को पर्याप्त वित्तीय मदद नहीं मिलती और सरकारी नौकरियां ही एकमात्र विकल्प बचती हैं। ऐसे में जब उसी व्यवस्था में पेपर लीक और धांधली होती है, तो युवाओं का सड़कों पर उतरना स्वाभाविक है।"

'कांग्रेस छात्रों के आंदोलन के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है'

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की भावनाओं और उनकी मांगों का 100 प्रतिशत समर्थन करती है। उन्होंने कहा, "कुछ दिन पहले जो घटनाएं हुईं, उनके परिणाम सामने आएंगे। इसमें छात्रों की कोई गलती नहीं है। हम उनके साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।"

जितेंद्र सिंह के बयान पर राहुल गांधी का जवाब

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनका फोकस छात्रों की मांगों पर है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस छात्रों के आंदोलन का पूरा समर्थन करती है। राहुल गांधी ने कहा, "चर्चा बहुत स्पष्ट है। पहली मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरी, छात्रों पर कार्रवाई करने वालों की जवाबदेही तय हो। तीसरी, प्रधानमंत्री छात्रों से माफी मांगें। बाकी बयान इस मुद्दे से ध्यान भटकाने वाले हैं।"

'मेरे साथ हुई धक्का-मुक्की मुद्दा नहीं, छात्रों की आवाज़ उठाना मेरी जिम्मेदारी'- राहुल गांधी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने सोमवार को प्रदर्शन के बाद पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और धक्का-मुक्की के सवाल पर कहा कि यह उनके लिए कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी छात्रों, युवाओं और किसानों की आवाज़ उठाना है।

राहुल गांधी ने कहा, "मुझे धक्का-मुक्की की आदत है। इससे मुझे कोई समस्या नहीं है। मेरा काम भारत के लोगों की इच्छा और उनकी आवाज़ को सामने रखना है। जहां लोगों को दर्द है, वहां ध्यान दिलाना विपक्ष के नेता के तौर पर मेरी जिम्मेदारी है। अगर इसके लिए मुझे और भी बहुत कुछ सहना पड़े, तो मैं उसके लिए तैयार हूं।"

'पुलिसकर्मी भी समझते हैं कि छात्रों के साथ गलत हुआ'- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने भी निजी तौर पर छात्रों के मुद्दे पर सहानुभूति जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस अपने कर्तव्य का पालन कर रही थी, लेकिन कई पुलिसकर्मी भी शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के साथ हुए व्यवहार को लेकर चिंतित थे।

राहुल गांधी ने कहा, "पुलिस ने मुझे थोड़ा खींचा, लेकिन वे अपना आदेश निभा रहे थे। मुझे लगता है कि संवेदनशील पुलिसकर्मी भी समझते हैं कि देश के भविष्य यानी छात्रों के साथ जो हुआ, वह गलत है।"

'मेरे साथ क्या हुआ, इससे फर्क नहीं पड़ता... असली मुद्दा छात्रों का भविष्य है'- राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि उनके साथ हुए व्यवहार की उन्हें कोई परवाह नहीं है। उनका कहना था कि पूरे विवाद का केंद्र वे नहीं, बल्कि छात्र, शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक का मुद्दा होना चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा, "मेरे साथ जैसा भी व्यवहार हुआ, उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरे साथ पांच गुना या दस गुना बुरा व्यवहार करिए, मुझे कोई शिकायत नहीं है। असली मुद्दा यह है कि छात्रों के साथ क्या हुआ, शिक्षा व्यवस्था में क्या खामियां हैं और पेपर लीक की वजह से उन्हें कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को इस विषय पर जवाब देना चाहिए, छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों पर कार्रवाई करने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

प्रधानमंत्री आवास तक विरोध मार्च के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने पहले संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष से चर्चा की अनुमति मांगी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा। इसके बाद छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला लिया गया।

राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि छात्र उन्हें मौजूदा शिक्षा व्यवस्था का प्रतीक मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के आंदोलन के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग करती रहेगी।