Updated On: Jul 26, 2026 | 02:18 PM IST
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सार
Railway Transfer: भारतीय रेलवे ने कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर पॉलिसी में अहम बदलाव किया है। अब 20 साल की सेवा पूरी कर चुके रेलकर्मी अपने घर के पास मनचाहा ट्रांसफर आसानी से पा सकेंगे।

रेलवे ट्रांसफर (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Indian Railway Transfer For Employees Near Home: भारतीय रेलवे में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सालों से अपने घर और राज्य से दूर नौकरी कर रहे रेलकर्मी अब अपने घर के करीब नौकरी कर सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने अपनी ऑन-रिक्वेस्ट ट्रांसफर पॉलिसी में बहुत ही महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इससे उन हजारों कर्मचारियों को भारी राहत मिलेगी जो लंबे समय से अपने घर जाना चाहते थे।
रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर संजय कुमार ने सभी जोन के महाप्रबंधकों को पत्र भेजकर जरूरी दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। नई व्यवस्था में एचआरएमएस पोर्टल पर ट्रांसफर की योग्यता रखने वाले कर्मचारियों की प्राथमिकता सूची हर महीने जारी होगी। एक कर्मचारी ने बताया कि हजारों लोग 20-22 साल सेवा करने के बाद रिटायर होने तक ट्रांसफर का इंतजार करते रहते हैं। अब इस पॉलिसी से उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा।
किन लोगों को मिलेगा फायदा
रेलवे ने दूर-दराज क्षेत्रों में काम कर रहे उन रेलकर्मियों के लिए पॉलिसी में बदलाव किया है जो 20 साल से ज्यादा सेवा कर चुके हैं। कम से कम 20 साल सर्विस कर चुके अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को प्राथमिकता पर ट्रांसफर का यह बड़ा मौका मिलेगा। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से गृह मंडल में ट्रांसफर का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत देना है।
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हर महीने जारी होगी लिस्ट
एचआरएमएस पोर्टल यानी ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम वेबसाइट पर हर महीने एक नई सूची जारी की जाएगी। इस अहम सूची में 20 वर्ष या उससे ज्यादा सेवा दे चुके कर्मचारियों की अलग प्राथमिकता सूची बनाई जाएगी। लिस्ट में सबसे ज्यादा सर्विस कर चुके रेलकर्मी को सबसे पहले ट्रांसफर का बेहतरीन मौका मिलेगा। ट्रांसफर स्वीकृत हो जाने के बाद अब किसी भी तरह के अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी की जरूरत नहीं होगी।
पंद्रह दिन में मिलेगी रिलीविंग
नई ट्रांसफर पॉलिसी के नियमों के अनुसार ट्रांसफर आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर रेलकर्मी की रिलीविंग करना बहुत जरूरी होगा। बहुत जरूरी हुआ तो भी विशेष परिस्थिति में कर्मचारी को एक महीने से ज्यादा अपनी पुरानी जगह पर रोका नहीं जा सकेगा। उन्हें रोकने के लिए भी संबंधित डीआरएम की विशेष स्वीकृति लेनी होगी, तभी कोई निर्णय लिया जाएगा। रेलवे कर्मचारी संगठनों ने बोर्ड के इस फैसले का भारी स्वागत किया है।
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कब से लागू होगा नया नियम
रेलवे बोर्ड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव की यह अधिसूचना जारी होने के 2 महीने बाद से प्रभावी होगी। इसके बाद सभी योग्य कर्मचारी एचआरएमएस पोर्टल पर इस शानदार सुविधा का पूरा लाभ उठा सकेंगे। एक उम्र के बाद रेलकर्मियों को घर के पास पोस्टिंग की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। यह अहम बदलाव 20-22 साल से दूर रह रहे रेलकर्मियों के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं है।
