अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रशासनिक फेरबदल के साथ ही व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। एक तरफ जहां नरपत डुकिया ने मंदिर प्रबंधन की कमान संभाल ली है, वहीं दूसरी तरफ विशेष जांच टीम (SIT) ने रामलला को चढ़ावे में मिले सोने-चांदी के आभूषणों का भौतिक सत्यापन और लैब टेस्ट रिपोर्ट से मिलान शुरू कर दिया है।
राम मंदिर, अयोध्या
- Published: 11 Aug 2026, 09:46 AM IST
- Last Updated: 11 Aug 2026, 09:46 AM IST
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रोफेशनल व पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंदिर प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी अब नए मैनेजर नरपत डुकिया को सौंपी गई है। पदभार संभालते ही डुकिया ने परिसर की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की कतार प्रबंधन और मंदिर के दैनिक संचालन का जायजा लिया।
उनकी नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज को बिना किसी बाधा के संचालित करना और प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाना है।
रामलला के खजाने की पड़ताल, SIT ने खंगाले ट्रस्ट के रजिस्टर
प्रबंधन में बदलाव के बीच, विशेष जांच टीम (SIT) ने मंदिर परिसर में मोर्चा संभाल लिया है। एसआईटी की टीम श्रद्धालुओं द्वारा रामलला को समर्पित किए गए बहुमूल्य धातुओं, सोने के छत्र, मुकुट और चांदी के बर्तनों के रिकॉर्ड खंगाल रही है। जांच अधिकारियों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आधिकारिक स्टॉक रजिस्टरों को अपने कब्जे में लेकर कागजी प्रविष्टियों का भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दान में आई हर वस्तु का सही हिसाब दर्ज है या नहीं।
लैब टेस्ट रिपोर्ट और कैरट का मिलान, फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद
जांच प्रक्रिया को पूरी तरह सटीक और निष्पक्ष बनाने के लिए एसआईटी केवल कागजी आंकड़ों पर निर्भर नहीं है। टीम ने पूर्व में कराए गए आभूषणों के लैब टेस्ट और वैल्यूएशन रिपोर्ट को भी तलब किया है।
मान्यता प्राप्त सर्राफा विशेषज्ञों और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से गहनों के वजन, उनकी शुद्धता और मेटल क्वालिटी का मिलान रजिस्टर की एंट्रीज से किया जा रहा है। अगर कागजी ब्योरे और लैब रिपोर्ट के बीच 1% का भी अंतर पाया जाता है, तो उसकी गहराई से जांच की जाएगी।
भविष्य के लिए बनेगी नई SOP, दान-पुण्य में आएगी पूरी पारदर्शिता
देश-विदेश से आने वाले राम भक्त रोजाना भारी मात्रा में कीमती सामान राम मंदिर में अर्पित करते हैं। ऐसे में नए प्रबंधक नरपत डुकिया और एसआईटी की यह संयुक्त कार्रवाई भविष्य के लिए एक ठोस 'मानक संचालन प्रक्रिया' तैयार करने में मदद करेगी।
इससे आने वाले समय में दान में मिलने वाली किसी भी बहुमूल्य सामग्री की एंट्री, उसकी जांच और उसकी सुरक्षा का एक फुलप्रूफ मैकेनिज्म तैयार हो सकेगा, जिससे मंदिर की व्यवस्था में शत-प्रतिशत पारदर्शिता बनी रहे।