अयोध्या स्थित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़े चर्चित मामले में पुलिस ने अपनी तफ्तीश पूरी करते हुए 8 मुख्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दिया है। कानूनी सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल होने से आरोपियों को मिलने वाली 'डिफॉल्ट बेल' की गुंजाइश खत्म हो गई है

ram mandir ayodhya

राम मंदिर, अयोध्या

  • Published: 23 Sep 2026, 12:30 PM IST
  • Last Updated: 23 Sep 2026, 12:30 PM IST

अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि में हुई आर्थिक अनियमितता और चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने कानूनी शिकंजा मजबूत कर लिया है। विशेष जांच टीम ने निष्पक्ष विवेचना का दावा करते हुए जेल में बंद सभी 8 अभियुक्तों के विरुद्ध अदालत में औपचारिक चार्जशीट दाखिल कर दी। तय मियाद के अंदर आरोप पत्र पेश किए जाने से अब आरोपियों को प्रक्रियात्मक खामी का लाभ उठाकर स्वतः जमानत मिलने की कानूनी राह पूरी तरह बंद हो चुकी है।

न्यायिक रुख सख्त: 6 आरोपियों की जमानत अर्जी पहले ही हो चुकी है खारिज
अदालत इस पूरे प्रकरण में शुरुआत से ही कड़ा रुख अपना रही है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रजत वर्मा की अदालत ने मंगलवार को मामले में निरुद्ध तीन प्रमुख आरोपियों अनुकल्प मिश्र, करुणेश पांडेय और लवकुश मिश्र की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इससे पूर्व सोमवार को न्यायालय ने तीन अन्य अभियुक्तों अविनाश शुक्ल, रमाशंकर मिश्र और मनीष यादव की अर्जियों को भी खारिज कर दिया था। शेष दो आरोपियों रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाषचंद्र श्रीवास्तव की जमानत पर सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।

कचहरी में गहमागहमी: चार्जशीट के विरोध में वकीलों की नारेबाजी और कार्य बहिष्कार
अदालत में जैसे ही पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने की सूचना फैली, अयोध्या बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने तीखा विरोध दर्ज कराया। वकीलों ने न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना उनकी कानूनी आपत्तियों की सुनवाई किए जल्दबाजी में चार्जशीट दाखिल की है। इस विरोध प्रदर्शन के चलते काफी समय तक कोर्ट परिसर में घमासान और प्रशासनिक अफरातफरी का माहौल बना रहा।

ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका पर सवाल: चंपत राय समेत अन्य पर एफआईआर की मांग
इस मामले में पैरवी कर रहे वकीलों ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की भूमिका की भी गहन जांच की मांग की है। अधिवक्ताओं ने पूर्व महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के खिलाफ औपचारिक प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दे रखी है।

चार्जशीट में टिन्नू यादव, करुणेश, मनीष, सुभाष चंद्र, रमाशंकर, अनुकल्प और लवकुश समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में ट्रस्ट पदाधिकारियों और संबंधित बैंक कर्मियों की संलिप्तता को लेकर कोई तथ्य अदालत के समक्ष रखे हैं या नहीं।