Ranchi : झारखंड सरकार उच्च एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को मंत्रालय में विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई अहम फैसलों पर सहमति दी और अधिकारियों को तय समय सीमा में काम पूरा करने का निर्देश दिया.

ट्रेनों के AC कोच से 1.27 करोड़ बेडशीट, कंबल, तकिये के कवर चोरी, इलजाम यात्रियों पर, रांची भी बदनाम
सायोनी घोष के भाजपा खेमे में जाने की वजह कुंतल से करोड़ों के गिफ्ट लेना तो नहीं!

बैठक में BIT सिंदरी को यूनिटरी यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी. इसके लिए विभाग को विधेयक तैयार करने का निर्देश दिया गया. साथ ही राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में पीपीपी मोड पर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) सेंटर स्थापित करने पर भी सहमति बनी.


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को पूरी तरह कार्यरत करने का निर्देश दिया. इसके अलावा हायर एजुकेशन और रोजगारपरक कोचिंग संस्थानों के लिए कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को भी 15 दिनों के भीतर सक्रिय करने को कहा.


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को "माइनिंग से माइंड" की ओर ले जाने में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की सबसे अहम भूमिका है. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने पर जोर दिया.


बैठक में गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की भी समीक्षा हुई. अधिकारियों ने बताया कि अब तक 2888 पात्र विद्यार्थियों को स्वीकृति मिली है, जबकि 243 छात्रों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से करीब 64 करोड़ रुपये का शिक्षा ऋण दिया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कल्याण विभाग के साथ समन्वय कर अधिक से अधिक छात्रों तक इस योजना का लाभ पहुंचाया जाए, ताकि आर्थिक तंगी के कारण कोई छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे.


मुख्यमंत्री ने दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने वाले छात्रों को भी गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ देने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा.


बैठक में राज्य के नौ जिलों पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, गोड्डा और साहिबगंज में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई.


मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी पॉलिटेक्निक और तकनीकी संस्थानों में रोजगार आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया. इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और शिपिंग जैसे नए कोर्स शामिल होंगे.


बैठक में यह भी तय हुआ कि झारखंड अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (JUPMI) का संचालन अब उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग करेगा. यहां बैचलर ऑफ प्लानिंग, मास्टर ऑफ प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट में एमबीए जैसे कोर्स शुरू करने की तैयारी होगी.


मुख्यमंत्री ने अगले तीन महीने के भीतर उच्च शिक्षा के लिए वैकल्पिक वित्तीय स्रोतों की पहचान करने का निर्देश भी दिया. साथ ही विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरने, छात्रावासों की स्थिति सुधारने और ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया.


बैठक में गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री फेलोशिप, मानकी मुंडा छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना, रिसर्च प्रोजेक्ट, ई-समर्थ्य सहित कई योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को राज्य में पहली बार आयोजित झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल की भी जानकारी दी, जिसका उद्देश्य छात्रों को एआई और रोबोटिक्स जैसी नई तकनीकों से जोड़ना है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.