Ranchi: जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और धांधली के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रविवार को कांग्रेस महानगर अध्यक्ष कुमार राजा अपनी टीम के साथ आंदोलन स्थल पहुंचे. उनके साथ शहबाज, नंदिता, शिल्पी, प्रिंस और गौरव भी मौजूद थे. उन्होंने छात्रों से लंबी बातचीत की और भरोसा दिलाया कि उनकी हर मांग मुख्यमंत्री और सरकार तक पहुंचाई जाएगी.
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कुमार राजा ने कहा कि गठबंधन सरकार, मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेतृत्व छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही कई बड़े कदम उठा चुकी है और आगे भी जरूरी कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने छात्रों को बताया कि जेपीएससी के अध्यक्ष इस्तीफा दे चुके हैं और पूरे मामले की जांच सीआईडी कर रही है. 14वीं जेपीएससी मुख्य परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. अगर जांच में जरूरत पड़ी तो पीटी परीक्षा भी रद्द की जा सकती है.
उन्होंने यह भी कहा कि जेपीएससी की डिप्टी एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के मैनेजर अभय तिवारी, मनोज तिवारी और उनके आठ सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. साथ ही जेपीएससी में पिछले 10 साल से पद पर बने अधिकारियों को हटाया गया है. जेएसएससी की पारा शिक्षक स्थायी रिक्ति परीक्षा भी गड़बड़ी की आशंका के कारण रोक दी गई है.
छात्रों ने जेपीएससी और जेएसएससी के सभी पुराने अधिकारियों को हटाकर नए और ईमानदार आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति की मांग भी रखी. उनका कहना था कि आयोग में किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले या 60 साल से अधिक उम्र के रिटायर्ड व्यक्ति की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए.
छात्रों ने परीक्षाओं में निजी एजेंसियों की भूमिका खत्म करने की भी मांग की. उनका कहना था कि प्रश्न पत्र छापने और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का काम केवल सरकारी व्यवस्था से कराया जाए ताकि पेपर लीक जैसी घटनाएं रोकी जा सकें.
इसके अलावा छात्रों ने सभी भर्ती परीक्षाओं का तय कैलेंडर जारी करने, उम्र सीमा की गणना 1 अगस्त 2018 से करने और सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र 42 साल करने की मांग रखी.
ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प यानी "नॉट अटेम्प्टेड" जोड़ने, जेपीएससी मुख्य परीक्षा की कॉपियों की मैनुअल जांच कराने और मूल्यांकन के बाद कॉपियां डिजिटल आईडी पर उपलब्ध कराने की भी मांग की गई.
जेएसएससी परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन प्रणाली खत्म करने, एक ही शिफ्ट में ओएमआर आधारित परीक्षा कराने, आयोग की ओर से विज्ञापन जारी होने के बाद प्रेस वार्ता करने, नियुक्ति पत्र एक साथ देने और शारीरिक परीक्षा में 1600 मीटर दौड़ का समय 6 मिनट से बढ़ाकर 7 मिनट करने की मांग भी छात्रों ने रखी. साथ ही उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा धांधली के दोषियों को तीन महीने के भीतर सख्त सजा देने की मांग की.
आंदोलन में शामिल छात्रों ने बताया कि राज्य के 24 जिलों से आए अभ्यर्थी खुले आसमान के नीचे धूप और बारिश में धरना दे रहे हैं. उन्होंने टेंट, पीने का पानी, शौचालय और सुरक्षा के लिए पुलिस की व्यवस्था करने की मांग की. इस पर कुमार राजा ने तुरंत पानी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया और अन्य सुविधाओं के लिए भी मदद का भरोसा दिलाया.
कुमार राजा ने कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी की सबसे बड़ी वजह आउटसोर्सिंग व्यवस्था है. उनका कहना था कि अगर आउटसोर्सिंग बंद कर दी जाए तो 80 प्रतिशत समस्याएं अपने आप खत्म हो जाएंगी.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और अन्य वरिष्ठ नेता छात्रों की मांगों पर चर्चा करेंगे और एक मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपेंगे. कुमार राजा ने कहा कि जिस तरह कांग्रेस ने नीट मामले में छात्रों की आवाज उठाई थी, उसी तरह झारखंड के अभ्यर्थियों के हक की लड़ाई भी पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी.
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