राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के लंबे इंतजार के बाद होने जा रहे चुनाव अब प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए परेशानी का सबब बनते दिखाई दे रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से अक्टूबर में चार बड़े घरेलू टूर्नामेंट शुरू होंगे, लेकिन
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स्थिति यह है कि रणजी ट्रॉफी और अंडर-19 के कैंप तक आयोजित नहीं हुए हैं। वहीं अंडर-23 और महिला अंडर-19 के प्रदेशस्तरीय टूर्नामेंट तक नहीं हो सके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब खिलाड़ियों को प्रदर्शन का मौका ही नहीं मिला तो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए टीमों का सिलेक्शन किस आधार पर होगा।
RCA के चुनाव 29 सितंबर को होंगे। चुनाव के बाद नई कार्यकारिणी के सामने 7 से 10 दिन में चारों प्रतियोगिताओं के लिए प्रदेशभर से खिलाड़ियों की पहचान, चयन, टीम गठन और तैयारी कराने की चुनौती होगी।

प्रदेश स्तरीय टूर्नामेंट ही नहीं हुए, फिर खिलाड़ियों का सिलेक्शन कैसे
सबसे बड़ा सवाल अंडर-23 और महिला अंडर-19 खिलाड़ियों को लेकर है। इन दोनों वर्गों में प्रदेश स्तर पर ही प्रतियोगिताएं नहीं हो सकी हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए चयनकर्ताओं के पास पर्याप्त मैच रिकॉर्ड किस आधार पर होगा। वहीं रणजी ट्रॉफी और अंडर-19 टीमों के लिए भी अब तक कैंप आयोजित नहीं होने से खिलाड़ियों को एक साथ अभ्यास करने और खुद को साबित करने का पर्याप्त मौका नहीं मिला है। इसके बाद ही फाइनल टीम का सिलेक्शन भी होना है।
खिलाड़ियों के बीच इसी बात को लेकर चिंता है कि चुनाव के बाद जल्दबाजी में चयन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी तो सिलेक्शन का आधार क्या होगा। क्या खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच खिलाकर उनका प्रदर्शन देखा जाएगा या फिर सीमित समय में ट्रायल के आधार पर ही टीमों का गठन कर दिया जाएगा।
दूसरे राज्यों में तैयारी शुरू, राजस्थान में चुनाव के बाद बनेगी टीम
राजस्थान के क्रिकेट खिलाड़ियों का कहना है कि RCA के चुनाव अपनी जगह जरूरी प्रक्रिया है, लेकिन इसका असर क्रिकेट कैलेंडर पर नहीं पड़ना चाहिए। BCCI की प्रतियोगिताओं की तारीख पहले से निर्धारित है। ऐसे में खिलाड़ियों की तैयारी और चयन प्रक्रिया को चुनावी गतिविधियों से अलग रखा जाना चाहिए था।
खिलाड़ियों के मुताबिक- देश के दूसरे राज्यों में घरेलू क्रिकेट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। खिलाड़ी कैंप और प्रैक्टिस में जुटे हैं, जबकि राजस्थान में अभी तक प्रदेश स्तर की कई प्रतियोगिताएं ही आयोजित नहीं हो पाई हैं। ऐसे में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरने वाली राजस्थान की टीमों के सामने तैयारी का अंतर साफ नजर आ सकता है।
सिर्फ ट्रायल के भरोसे सिलेक्शन हुआ तो उठेंगे सवाल
खिलाड़ियों ने कहा- चुनाव के बाद जल्दबाजी में सिलेक्शन किया गया तो खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का सीमित मौका रहेगा। ऐसे में सिलेक्शन प्रक्रिया ट्रायल आधारित होने की स्थिति में सवाल उठना स्वाभाविक है। खिलाड़ियों ने कहा- प्रदर्शन के बजाय कुछ ही दिनों के ट्रायल के आधार पर टीम चुनना खिलाड़ियों के भविष्य के लिए ठीक प्रक्रिया नहीं होगी।
खिलाड़ियों ने कहा- प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें अपनी क्षमता दिखाने के लिए नियमित प्रतियोगिताओं और मैचों की जरूरत है। यही प्रक्रिया आगे भी प्रभावित होती रही तो इसका सीधा असर राजस्थान के खिलाड़ियों के प्रदर्शन और राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की टीम की स्थिति पर पड़ सकता है।
टूर्नामेंट किए जाएं
राजस्थान के क्रिकेटरों ने मांग की है कि RCA चुनाव की प्रक्रिया अपनी जगह चले, लेकिन BCCI के टूर्नामेंट की तैयारी को उससे प्रभावित नहीं होने दिया जाए। रणजी, अंडर-19, अंडर-23 और महिला अंडर-19 के लिए तुरंत कैंप और जरूरी प्रदेशस्तरीय प्रतियोगिताएं शुरू हों। खिलाड़ियों ने कहा- हमें पर्याप्त मैच प्रैक्टिस और निष्पक्ष सिलेक्शन प्रक्रिया मिले, ताकि राजस्थान की टीमें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पूरी तैयारी के साथ उतर सकें।