REC और PFC ने प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में मेजा अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल पावर प्रोजेक्ट स्टेज II के लिए संयुक्त रूप से 26,850 करोड़ रुपये का लोन साइन किया है। यह प्रोजेक्ट, जिसमें एयर-कूल्ड कंडेनसर का उपयोग करके तीन 800 MW यूनिट की 2,400 MW क्षमता वाली सुविधा होगी, को लेंडर द्वारा 50:50 फंड किया जाएगा। इससे ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, कोयले का उपयोग और उत्सर्जन कम होगा, और स्थानीय रोजगार और ढांचागत विकास को बढ़ावा मिलेगा।

By Oneindia Staff

Time Published: Thursday, July 30, 2026, 23:01 [IST]

देश के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आरईसी लिमिटेड (REC) और पीएफसी लिमिटेड (PFC) ने मेजा ऊर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड (MUNPL) के साथ 26,850 करोड़ रुपये के साझा ऋण (कॉमन लोन) समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह वित्तीय सहायता उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की मेजा तहसील में 2,400 मेगावाट क्षमता वाले मेजा थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्टेज-II की स्थापना के लिए दी जाएगी।

Meja Ultra-Super Critical Project Loan Secured

यह परियोजना 3×800 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल इकाइयों के रूप में विकसित की जाएगी, जिसमें एयर कूल्ड कंडेनसर (ACC) प्रणाली का उपयोग होगा। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 38,357.81 करोड़ रुपये है। इस परियोजना में आरईसी प्रमुख वित्तपोषक (Lead Financer) की भूमिका निभाएगा, जबकि ऋण राशि का वित्तपोषण आरईसी और पीएफसी द्वारा 50:50 अनुपात में किया जाएगा।

प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एमयूएनपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीनिवास राव गद्दामनुगु, आरईसी क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के मुख्य महाप्रबंधक शंभू शंकर गुप्ता और पीएफसी की महाप्रबंधक शैली गुप्ता ने ऋण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एमयूएनपीएल के मुख्य वित्तीय अधिकारी अंग्शु बरुआ, पीएफसी के कार्यकारी निदेशक एच. के. दास और आरईसी के कार्यकारी निदेशक डी. बी. लोंधे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मेजा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (स्टेज-II) के पूरा होने से उत्तर प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। परियोजना के माध्यम से घरेलू उपभोक्ताओं, कृषि क्षेत्र और उद्योगों को विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे राज्य के विकास लक्ष्यों को गति मिलेगी।

इस परियोजना में अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे पारंपरिक ताप विद्युत संयंत्रों की तुलना में कोयले की खपत और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे परियोजना अधिक ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी।

रोजगार और स्थानीय विकास को मिलेगा लाभ

परियोजना के निर्माण और संचालन के दौरान हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही प्रयागराज की मेजा तहसील में आधारभूत संरचना के विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना औद्योगिक गलियारों, विनिर्माण क्लस्टरों और शहरी विस्तार के लिए स्थिर एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी