
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल.
Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से सोशल मीडिया पर रील बनाने और जानलेवा स्टंटबाजी का एक बेहद खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सामने आया है. मुगलपुरा इलाके में स्थित जामा मस्जिद रामगंगा पुल पर उफनती नदी के प्रचंड प्रवाह में छलांग लगाना एक युवक को भारी पड़ गया. नदी के तेज बहाव में जब युवक हाथ-पैर छोड़ चुका था और मौत के मुंह में समाने ही वाला था, तभी स्थानीय गोताखोरों ने देवदूत बनकर उसकी जान बचा ली.
मुरादाबाद के जामा मस्जिद रामगंगा पुल पर इन दिनों रोजाना युवाओं की भारी भीड़ जुट रही है. वाहवाही लूटने और इंस्टाग्राम रील्स बनाने के जुनून में कई किशोर और युवक अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती रामगंगा नदी में ऊंची-ऊंची छलांग लगा रहे हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय पुल पर काफी चहल-पहल थी. इसी दौरान एक युवक, जो नशे में था और जिसकी तबीयत भी खराब बताई जा रही है, बिना सोचे-समझे उफनती नदी में कूद गया. पानी के प्रचंड वेग और गहराई में पहुंचते ही वह खुद को संभाल नहीं पाया और तैरने की हिम्मत टूटने के बाद उसने हार मान ली.
देवदूत बने स्थानीय गोताखोर, 50 कदम दूर बहाव से खींचा बाहर
युवक को नदी के तेज बहाव में डूबता देख पुल पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई. इसी बीच मौके पर मौजूद साहसी स्थानीय गोताखोरों की टीम (जिसमें शब्बू और उनके साथी शामिल थे) ने बिना एक पल गंवाए उफनती नदी में छलांग लगा दी. गोताखोरों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पानी के तेज प्रवाह में लगभग 50 कदम दूर बह चुके युवक को पप्पू वेल्डर के टीले के पास से सकुशल बाहर खींच निकाला.
प्रशासनिक दावों की पोल खुली, पुल पर पिकेट की मांग
पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में पीड़ित युवक ने बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं थी और भाई द्वारा बुलाए जाने का भ्रम होने के कारण उसने नदी में छलांग लगा दी थी. हालांकि, इस घटना ने मुरादाबाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे रोज दर्जनों युवक रामगंगा पुल से छलांग लगाकर स्टंटबाजी कर रहे हैं, लेकिन वहां कोई पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं. लोगों ने मांग की है कि जामा मस्जिद रामगंगा पुल पर स्थायी पुलिस पिकेट तैनात की जाए और खतरनाक स्टंटबाजी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके.

शारिक सिद्दिकी
पिछले 4 सालों से पत्रकारिता के फील्ड में हूं, निष्पक्ष पत्रकारिता का पक्षधर और सच्चाई के साथ अपने कर्तव्य का पालन करना ही मेरा उद्देश्य.
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