‘जो चरित्रहीन होंगे वे पार्टी में न रहें, कहीं और चले जाएं तो पार्टी स्वस्थ हो जाएगी। हमें किसी एंगल से नहीं लगता कि आरजेडी टूटेगी। हां, कुछ चरित्रहीन लोग इधर-उधर कर सकते हैं।’
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बेगूसराय के मटिहानी से राजद विधायक नरेंद्र उर्फ बोगो सिंह राजद में टूट की संभावना पर ये बातें कहते हैं।
लालू परिवार में कलह और तेजस्वी यादव की नेतृत्व शैली के चलते राजद के सीनियर से लेकर जूनियर स्तर तक के नेताओं में असंतोष की बातें सामने आईं हैं। रोहिणी आचार्य लगातार पार्टी के फैसलों पर सवाल उठा रहीं हैं।
ऐसे में भास्कर ने राजद के 15 विधायकों से बात की। उनसे पार्टी में टूट और आपसी कलह को लेकर सवाल किए। आठ ने हमारे सवालों के जवाब दिए। 7 ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट…।
सबसे पहले जानिए विवाद शुरू कहां से हुआ था
राजद के प्रवक्ता रहे मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी छोड़ने और भाजपा ज्वाइन करने के बाद लालू यादव की पार्टी टूटने की भविष्यवाणी की।
कहा, ‘RJD समाप्ति की ओर है। कार्यकर्ता-जनता का साथ छूट गया है। अब जो मात्र 25 विधायक बचे हैं, उनमें से 15-16 कब छोड़कर चले जाएंगे पता नहीं।’

रोहिणी आचार्य के सवाल पर चुप्पी, पारिवारिक विवाद बताकर टाला
रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव और उनके करीबी लोगों पर सवाल उठाए हैं। इस मामले में राजद के विधायक कुछ कहने से बचते रहे। ज्यादातर ने पारिवारिक विवाद बताकर सवाल टाल दिया।
उदय नारायण चौधरी और भाई वीरेन्द्र के बयान को राजद के विधायकों ने पार्टी के अंदर लोकतंत्र की खूबसूरती बताया है। चौधरी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं के तेजस्वी यादव से मिलने में परेशानी का मुद्दा उठाया था। वहीं, वीरेन्द्र ने तेजस्वी के करीबी शक्ति सिंह यादव पर तीखा हमला किया था।

हमलोगों की आपस में एकता नहीं: अविनाश मंगलम
अररिया जिला के रानीगंज से विधायक अविनाश मंगलम ने कहा, ‘मैं इस सवाल का जवाब नहीं दे पाऊंगा कि आरजेडी के अंदर इतना बवाल क्यों है। हां यह सच है कि कुछ गलत लोग बरगला रहे हैं। लगता है कि इसी से पार्टी के अंदर स्थितियां गड़बड़ाई हैं।’
क्या पार्टी टूट रही है? इस सवाल पर अविनाश ने कहा, ‘ऐसा कुछ नहीं है। कुछ लोग गलत प्रचार कर रहे हैं।’
पार्टी कैसे मजबूत होगी? इस सवाल पर वे कहते हैं, ‘ग्राउंड लेवल पर जो लोग काम कर रहे हैं उनमें एकता नहीं है। हमलोगों में आपस में मेल नहीं है।’

कुछ चरित्रहीन लोग इधर-उधर कर सकते हैं: बोगो सिंह
बेगूसराय के मटिहानी से विधायक नरेंद्र सिंह उर्फ बोगो सिंह कहते हैं, ‘रोहिणी आचार्य और भाई वीरेंद्र के बयानों को लेकर मेरा कोई कमेंट नहीं है। पार्टी के लीडर के सामने विभिन्न प्रकार की समस्याएं होती हैं। एक अनार और सौ बीमार होते हैं। पार्टी नेतृत्व इस पर जो निर्णय लेगा मैं उनके साथ हूं। इस बीमारी का इलाज मेरे पास नहीं है।’
राजद में टूट के सवाल पर बोगो सिंह ने कहा, ‘जो चरित्रहीन होंगे वे पार्टी में न रहें, कहीं और चले जाएं तो पार्टी स्वस्थ हो जाएगी। हमें किसी एंगल से नहीं लगता कि आरजेडी टूटेगी।’
‘लालू यादव और उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने 90 फीसदी लोगों को जुबान दी। पहले गरीबों की पीठ पर कोड़े चलते थे। गरीब ने थाना, डीएम ऑफिस नहीं देखा था। लालू प्रसाद के कारण 90 फीसदी लोग जागरूक हुए। यह पार्टी टूट नहीं सकती। कुछ चरित्रहीन लोग इधर-उधर कर सकते हैं।’
पार्टी को मजबूत करने के लिए क्या करना होगा? इस सवाल पर उन्होंने कहा, ‘पार्टी को 365 दिन 24 घंटे खड़े रहना होगा। सत्ता पक्ष द्वारा किए गए 21 वर्षों के कुकर्म को उजागर करना होगा। जैसे कि सरकार की मंशा बच्चों को साक्षर बनाने की है पर शिक्षित बनाने की नहीं। अभी भी कई स्कूल भवन विहीन, भूमिहीन हैं। शिक्षकों की कमी है। इस मुद्दा को आरजेडी को उठाना चाहिए।’

हमारी खासियत है कि लड़ते भी रहेंगे और एकजुट भी रहेंगे: जितेन्द्र राय
सारण जिला के मढ़ौरा से विधायक जितेन्द्र राय कहते हैं, ‘RJD समाजवादियों की पार्टी है। हमारा इतिहास है कि हम आपस में लड़ते रहेंगे, लेकिन एकजुट भी रहेंगे। कॉर्पोरेट घराना की तरह हमारी पार्टी नहीं चलती। हमारे यहां लोकतंत्र है। लोग अपनी बात रखते हैं। नेता उनकी बात सुनते हैं।’
‘लालू यादव ने जिस दिन सरकार बनाई थी उसी दिन से लोग सरकार गिरने की बात करने लगे थे, लेकिन 15 साल शासन चला। राजद के बारे में उसी तरह लोग रोज कह रहे हैं कि टूट रही है, लेकिन राजद ताकत के साथ खड़ी है। इस बार हमारी सीट कम आई, लेकिन वोट तो सबसे ज्यादा आरजेडी को मिला। जनता में हम कमजोर नहीं हैं। जनता हमें पहले की ही तरह चाह रही है।’

पार्टी की विचारधारा को धरातल पर ले जाना होगा: सुरेंद्र राम
सारण जिला के गरखा से राजद विधायक सुरेंद्र राम ने कहा, ‘रोहिणी से जुड़ा मामला पारिवारिक है। भाई वीरेन्द्र के बयान पर मैं कुछ कहना नहीं चाहता। वे बड़े भाई समान हैं।’
राजद में टूट के सवाल पर सुरेन्द्र ने कहा, ‘सबकी नजर सूर्य पर रहती है। लोगों को लगता होगा कि आरजेडी को तोड़ लेंगे, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है। आरजेडी के साथ जो लोग हैं वे एक विचारधारा से जुड़े हुए हैं।’
पार्टी की मजबूती के लिए क्या करना होगा? इस सवाल पर उन्होंने कहा, ‘पार्टी को ताकतवर बनाने के लिए हमें अपनी विचारधारा को धरातल पर ले जाना चाहिए। सभी जाति और धर्म के लोगों को पार्टी से जोड़ना चाहिए।’

आरजेडी नहीं एनडीए में खटपट: रणविजय साहू
समस्तीपुर जिला के मोरवा से विधायक रणविजय साहू ने कहा, ‘पार्टी के अंदर कहीं कोई विवाद नहीं है। अंदर से पूरी पार्टी एकजुट है। मुझे तो लगता है कि बीजेपी और जेडीयू के बीच पट नहीं रही है। वहां कभी भी टूट हो सकती है।’
‘बांकीपुर में कुर्मियों ने जनसुराज को क्यों वोट दिया। जो लोग आरजेडी में टूट की बात कर रहे हैं, वे मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहे हैं। आरजेडी विचारधारा की पार्टी है।’

मुसलमान आरजेडी के साथ ही रहेंगे: सत्तानंद संबुद्ध
बेगूसराय के साहेबपुर कमाल से विधायक सत्तानंद संबुद्ध ने कहा, ‘रोहिणी आचार्य या भाई वीरेन्द्र के बयानों को मैं आरजेडी के अंदर अपनी बात कहने की आजादी के रूप में देखता हूं। पार्टी एकजुट है।’
‘प्रशांत किशोर की जीत में कोई खास बात नहीं है, वोटर की नाराजगी कुछ मुद्दों पर थी, जिसका फायदा उनको मिला। मुसलमान वोट बैंक आरजेडी को छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला। आरजेडी पहले भी मजबूत थी और अभी भी है। विधानसभा चुनाव में तो एनडीए की नीतीश सरकार ने बिहार का खजाना खाली कर लोगों को लालच देकर वोट हासिल किया।’

आरजेडी को जनता के बीच जाकर भरोसा दिलाना होगा: अमरेंद्र कुमार
औरंगाबाद के गोह से विधायक अमरेंद्र कुमार ने कहा, ‘आरजेडी एक परिवार है। कहीं कोई इश्यू नहीं है। यहां सबको अपनी बात रखने की आजादी है। जो पार्टी में टूट की बात कर रहे हैं, वे अफवाह फैला रहे हैं। आरजेडी समाजवादी विचारधारा के साथ चलती है।’
‘बांकीपुर तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट थी। बीजेपी ने वह सीट लूज किया है। आरजेडी तीसरे नंबर पर रही, लेकिन एक सीट से राजद की ताकत का आकलन नहीं कर सकते। एनडीए ने 2025 के विधानसभा चुनाव में 10 हजार रुपए का प्रलोभन देकर लोगों से गलत तरीके से वोट हासिल किया।’

आरजेडी लगातार सड़क पर उतरे तो बीजेपी के पाप का घड़ा भरेगा: कुमार सर्वजीत
बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा, ‘भाई वीरेन्द्र के बयानों पर कोई कयास नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने पार्टी पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि किसी पर व्यक्तिगत आरोप लगाए हैं।’
रोहिणी आचार्य के बयान पर कुछ नहीं कहूंगा। नो कमेंट। यह फैमिली मैटर है। बीजेपी का इतिहास शुरू से रहा है कि वह अपनी ताकत को मजबूत नहीं करती बल्कि धन-बल मजबूत करती है।’
‘जनता ने बीजेपी को काम करने के लिए मैंडेट दिया है। वे नेताओं को डराकर पार्टी तोड़ रहे हैं, मर्ज करा रहे हैं। वे बदले की भावना का बीज बो रहे हैं। आरजेडी कभी टूट नहीं सकती। जन सुराज के एक व्यक्ति की जीत से इतनी कयासबाजी ठीक नहीं। रामविलास पासवान की पार्टी से एक भी विधायक नहीं थे, वह भी टूटी थी पर समाप्त नहीं हुई। लोग तभी टूटते हैं जब डराया-धमकाया जाता है।’

अब पढ़िए, राजद के नेताओं के बयान, कैसे अपनों पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव के करीबी शक्ति सिंह यादव से भाई वीरेंद्र की तकरार हुई। उन्होंने कहा, ‘खामोश, मैं भाई वीरेन्द्र लोकदल से राजनीति कर रहा हूं। तब तुम्हारी पैदाइश भी राजनीति में नहीं हुई होगी। तुम्हारी करतूत को सार्वजनिक कर दूंगा तो कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे।’
‘तुमलोग तेजस्वी यादव का चेहरा दिखाकर माल वसूलने का काम करते हो, मिलवाने का काम करते हो। मैं तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए राजनीति करता हूं और तुम जिंदा चमड़े के सप्लायर।’

उदय नारायण चौधरी ने कहा- ‘मैं तेजस्वी से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि आम लोगों के लिए दरवाजा खोल दीजिए। लालू यादव की तरह आम कार्यकर्ताओं के लिए समय दीजिए। कुछ लोग मुझसे मिलते हैं। कहते हैं कि लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव से मिलने का बहुत प्रयास किया। तीन दिन की कोशिश के बाद लालू से मुलाकात हो गई, लेकिन तेजस्वी यादव से नहीं।’
तेजस्वी के कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने पर रोहिणी आचार्या ने तंज कसा, ‘सियासत के शिखर-पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप, ठकुरसुहाती करने वालों और गिरोह-ए-घुसपैठ को उनके हाथों की कठपुतली बने शहजादा की ताजपोशी मुबारक।’
एमएलसी नहीं बनाए जाने पर शिवचंद्र राम ने कहा, ‘मैं 1990 के दशक से आरजेडी के साथ हूं। पार्टी के एक वफादार वर्कर, दरबारी और मजदूर की तरह काम किया है। मैं पिछले तीन-चार दिनों से असहनीय पीड़ा में हूं। चार रातों से सो नहीं पाया हूं। ऐसी परिस्थिति आ गई कि सिर्फ अपमान झेलना पड़ रहा है।’