मंडलायुक्त ओपी आर्य ने शनिवार को विश्वविद्यालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता देखी।

राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (RMPSSU) के निर्माण कार्यों में मिली कमियों को अब 15 दिन के भीतर दूर करना होगा। मंडलायुक्त ओपी आर्य ने शनिवार को विश्वविद्यालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता देखी। उन्होंने अधिकारियों को सा

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मंडलायुक्त ने विश्वविद्यालय प्रशासन और निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पिछले निरीक्षणों में सामने आई कमियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधूरे काम तय समय में पूरे किए जाएं और निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए।

24.66 लाख से बन रहा शैक्षणिक भवन

विश्वविद्यालय में लगे उपकरणों के रखरखाव के लिए वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध कराने के भी निर्देश दिए। मुख्य भवन के सामने प्रवेश द्वार की सड़क पर मिली कमियों को निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ठीक कराने को कहा।

रजिस्ट्रार प्रबुद्ध सिंह ने बताया कि वर्तमान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय जांच समिति के निरीक्षण और सत्यापन के बाद ही विश्वविद्यालय का हैंडओवर लिया जाएगा।

डिफेंस कॉरिडोर में बिजली-पानी और सुरक्षा पर जोर

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने राजकीय निर्माण निगम की ओर से बनाए जा रहे शैक्षणिक भवन-3 का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि 24.66 लाख रुपए की लागत से जी+2 भवन का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण सामग्री और काम की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की जा रही है। इसके साथ थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था भी की गई है।

मंडलायुक्त ने यूपीआरएनएसएस की ओर से बनाए जा रहे अतिथिगृह का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि इसका करीब 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

विश्वविद्यालय के निरीक्षण के बाद मंडलायुक्त ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का भी जायजा लिया। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों के संचालन के लिए जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। सबसे ज्यादा ध्यान निर्बाध बिजली, नियमित जलापूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था पर रहा।

सुविधाओं को भी व्यवस्थित रखने के निर्देश

उन्होंने अधिकारियों को बिजली आपूर्ति में संभावित रुकावट के तुरंत समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता का पानी उपलब्ध कराने और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए व्यवस्था विकसित करने को कहा।

कॉरिडोर में सड़क, स्ट्रीट लाइट और जल निकासी जैसी सुविधाओं को भी व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने में सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करें। निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के काम में गुणवत्ता, उपयोगिता और समयसीमा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।