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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत। तस्वीर-PTI
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PTI
अयोध्या रामजन्मभूमि मंदिर में दान चोरी मामले को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी तीन दिवसीय 'अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक' में चिंता जाहिर की है। इसे लेकर संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि इस घटना ने करोड़ों रामभक्तों की आस्था को दुख पहुंचाया है। साथ ही उन्होंने कार्रवाई को लेकर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी और पुलिस की कार्रवाई किसी ठोस और निर्णायक नतीजे तक पहुंचेगी।
संघ की बैठक में राम मंदिर में दान की गिनती में हुई गड़बड़ी के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा
कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित आरएसएस की सालाना 'अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक' के समापन के बाद संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक में राम मंदिर में दान की गिनती में हुई गड़बड़ी के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि जांच एजेंसियां पूरे मामले का सच सामने लाएंगी। संघ ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से भी अपेक्षा जताई कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि करोड़ों राम भक्तों की आस्था और विश्वास को किसी प्रकार की ठेस न पहुंचे।
सुनील आंबेकर ने बताया कि 'तीर्थ क्षेत्र न्यास' के अनुरोध पर इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) और पुलिस की कार्रवाई जारी है। संघ ने जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राम भक्तों में है नाराजगी
संघ की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। राम मंदिर चंदा चोरी की घटना से लोगों में चिंता और नाराजगी देखी जा रही है। दरअसल, अयोध्या में राम मंदिर में हाल ही में दान पेटियों की गिनती और उससे जुड़ी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं तथा दान राशि के गबन के आरोप सामने आए थे। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आठ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आगे की पूछताछ और सबूत जुटाने की कार्रवाई तेज कर दी है।
शाखा विस्तार और शताब्दी वर्ष की तैयारियों पर मंथन
बैठक में मार्च 2026 के बाद देशभर में आयोजित संघ शिक्षा वर्गों और कार्यकर्ता विकास वर्गों की समीक्षा की गई। इस वर्ष देशभर में 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग आयोजित किए गए, जिनमें कुल 18,842 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में शाखा संचालन, ग्राम विकास, कुटुंब प्रबोधन, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल रहे।
सितंबर माह में अधिकतम शाखा विस्तार अभियान चलाने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत अब तक हुए कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विचार किया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि शताब्दी वर्ष के दौरान संपर्क में आए लोगों को सामाजिक कार्यों और ‘पंच परिवर्तन’ अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।
जनगणना, जनसांख्यिकी और नशा मुक्ति पर भी चर्चा
बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इनमें आगामी जनगणना, जनसांख्यिकी असंतुलन से उत्पन्न चुनौतियां और उसके सामाजिक प्रभाव प्रमुख रहे। इसके अलावा देश में बढ़ते ड्रग्स के दुष्प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए नशा मुक्ति अभियान को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। संघ ने संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया।
प्रवास योजना पर भी बनी रणनीति
बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के वर्ष 2026-27 के देशव्यापी प्रवास कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर मंथन किया गया।
आरएसएस की इस बैठक से साफ संकेत मिला कि संगठन आने वाले महीनों में एक ओर अपने विस्तार और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों पर फोकस करेगा, वहीं राम मंदिर दानपेटी मामले जैसी संवेदनशील घटनाओं पर भी सतर्क दृष्टि बनाए रखते हुए पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपेक्षा रखेगा।
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शिव शुक्ला author
शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें
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