खगड़िया। बिहार में लोक सेवाओं के अधिकार (आरटीपीएस) अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर खगड़िया ने लगातार दूसरी बार राज्य स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है।

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अगस्त 2026 की रैंकिंग में नंबर-1 रहने के बाद सितंबर की नवीनतम राज्यस्तरीय रैंकिंग में भी जिले ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।

प्रशासन के अनुसार, आरटीपीएस आवेदनों का समय-सीमा के भीतर निष्पादन, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा और डिजिटल माध्यम से प्रभावी मॉनिटरिंग के कारण जिले को यह उपलब्धि मिली है।

जिलाधिकारी विक्रम विरकर स्वयं आरटीपीएस सेवाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन करने का निर्देश दिया गया है।

लंबित आवेदनों की डिजिटल मॉनिटरिंग

आरटीपीएस सेवाओं की निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे लंबित आवेदनों की स्थिति की नियमित जानकारी मिल रही है।

किसी तरह की तकनीकी समस्या आने पर उसका तत्काल समाधान करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

प्रशासन का लक्ष्य है कि आरटीपीएस के तहत मिलने वाली सेवाएं आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा से पहले उपलब्ध कराई जाएं।

इसमें जाति, आय, आवासीय, ओबीसी, एनसीएल और ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र के अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना जैसी सेवाएं शामिल हैं।

घर बैठे मिल रहा प्रमाण-पत्र

डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से लोगों को कई सेवाओं का लाभ घर बैठे मिल रहा है। डिजिटल प्रमाण-पत्र उपलब्ध होने से लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है।

इससे सेवाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता बढ़ाने में मदद मिली है।

आरटीपीएस सेवाओं के अनुश्रवण की जिम्मेदारी एडीएम (लोक शिकायत निवारण) सह आरटीपीएस नोडल पदाधिकारी जियाउर्रहमान द्वारा संभाली जा रही है।

वे सेवाओं के निष्पादन की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। वहीं जिला आईटी मैनेजर बमबम कुमार डिजिटल और तकनीकी व्यवस्था को सुचारू रखने तथा तकनीकी समस्याओं के समाधान में जुटे हैं।

डीएम बोले- लगातार बेहतर सेवा देने पर जोर

जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने कहा कि अगस्त के बाद सितंबर में भी राज्य में प्रथम स्थान मिलना जिले के सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों के समन्वित प्रयास का परिणाम है।

प्रशासन का प्रयास है कि आम लोगों को सभी लोक सेवाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर आसानी से उपलब्ध हों। इस दिशा में आगे भी लगातार काम किया जाएगा।