SAF एसोसिएशन (SAFA) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में 25 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रतिनिधियों और 100 से अधिक वैश्विक वक्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है
SAF एसोसिएशन (SAFA) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में 25 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रतिनिधियों और 100 से अधिक वैश्विक वक्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है
IANS
19 Aug 2026
23:48 IST
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भारत को सतत विमानन ईंधन (SAF) के वैश्विक और दक्षिण एशियाई केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत दूसरा इंडिया SAF कॉन्क्लेव-2026 अगले महीने 28-29 सितंबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. SAF एसोसिएशन (SAFA) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में 25 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रतिनिधियों और 100 से अधिक वैश्विक वक्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है.
परियोजना विकास और उत्पादन को गति
यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत सतत विमानन ईंधन के कार्यान्वयन के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है. सम्मेलन का उद्देश्य सरकार, विमानन, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, निवेश और वित्तीय क्षेत्र के वैश्विक हितधारकों को एक मंच पर लाकर भारत में SAF के लिए निवेश, तकनीकी सहयोग, परियोजना विकास और उत्पादन को गति देना है.
SAF एसोसिएशन के अनुसार, वैश्विक अध्ययनों में भारत के पास 2050 तक करीब 4 करोड़ टन SAF प्रतिवर्ष उत्पादन करने की क्षमता का अनुमान लगाया गया है, जो वैश्विक उत्पादन क्षमता का लगभग 10 प्रतिशत हो सकता है. “SAF के इस्तेमाल से विमानन क्षेत्र से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को 80 फीसदी तक कम करने में मदद मिल सकती है.” वहीं, 50 प्रतिशत SAF मिश्रण से विमानन ईंधन के उपयोग से होने वाले जीवन-चक्र उत्सर्जन में करीब 40 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है.
निवेश और तकनीक पर होगा फोकस
कॉन्क्लेव में SAF के मानक एवं प्रमाणन, टिकाऊ कच्चा माल, तकनीक, परियोजना वित्तपोषण, आपूर्ति श्रृंखला और बड़े पैमाने पर उत्पादन जैसे विषयों पर चर्चा होगी. अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण और तकनीकी कार्यक्रम में वैश्विक विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे. इसके अलावा मंत्रिस्तरीय सत्र, तकनीकी सम्मेलन, निवेशक एवं खरीदार मंच, नेतृत्व स्तर की बैठकें, कारोबारी एवं सरकारी स्तर की बैठकें, तकनीकी प्रदर्शन और प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी. विभिन्न संस्थानों एवं कंपनियों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी प्रस्तावित हैं.
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