Satta King सौरभ की गिरफ्तारी पर सस्पेंस : ओमान ने कहा- भारतीय दूतावास से पूछिए, दूतावास ने कहा- पासपोर्ट भेजिए

हाल ही में Satta King सौरभ चंद्राकर के ओमान में गिरफ्तार होने की खबर मीडिया में आई थी। लेकिन खबर पर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है। साफ तौर पर कुछ कोई भी नहीं बता रहा है।

Mahadev App Promoter Saurabh Chandrakar

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर

  • Published: 13 Jul 2026, 01:56 PM IST
  • Last Updated: 13 Jul 2026, 03:40 PM IST

ब्रह्मवीर सिंह- रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के प्रमोटर व Satta King सौरभ चंद्राकर की ओमान में गिरफ्तारी की खबर की पुष्टि अब तक नहीं हुई है। कई राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों में गिरफ्तारी और भारत द्वारा प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू किए जाने की खबरें प्रकाशित होने के बावजूद ओमान सरकार और भारतीय दूतावास ने अब तक इसकी स्पष्ट पुष्टि नहीं की है।

छत्तीसगढ़ पुलिस ने भी कहा-हमारे पास इस तरह की कोई जानकारी नहीं है। इसकी पुष्टि के लिए हरिभूमि ने रॉयल ओमान पुलिस, ओमान में स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया। वहां से न हां कहा गया न इंकार किया गया। इसके बाद सस्पेंस गहरा गया है।

मामले की स्वतंत्र पुष्टि के लिए हरिभूमि ने सबसे पहले रॉयल ओमान पुलिस को ईमेल भेजकर पूछा कि, क्या सौरभ चंद्राकर को हिरासत में लिया गया है। इसके जवाब में रॉयल ओमान पुलिस को ईमेल भेजकर पूछा कि क्या सौरभ चंद्राकर को हिरासत में लिया गया है।  इसके जवाब में रॉयल ओमान पुलिस ने न तो खबर का खंडन किया और न ही पुष्टि की। उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, Please con-tact your country embassy in the Sultanate of Oman. यानी इस संबंध में भारत के दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी। 

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छत्तीसगढ़ पुलिस के पास भी कोई खबर नहीं
हरिभूमि ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। आला अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब तक उनके पास सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बारे में कोई अधिकृत खबर नहीं है। उसके प्रत्यार्पण के संबंध में भी केंद्रीय एजेंसियां ही जवाब दे सकती हैं। स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया में खबर थी कि सौरभ की गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार सेरम को ओमान से भारत लाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि इस संबंध में भी अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।

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हरिभूमि ने मस्कट स्थित भारतीय दूतावास से मांगी जानकारी
इसके बाद हरिभूमि ने मस्कट स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण प्रक्रिया के संबंध में आधिकारिक जानकारी मांगी। दूतावास के कम्युनिटी वेलफेयर विंग की ओर से जवाब आया कि यदि सौरभ चंद्राकर का पासपोर्ट अथवा अन्य पहचान संबंधी विवरण उपलब्ध कराया जाए, तो मामले को स्थानीय अधिकारियों के पास भेजकर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। दूतावास के इस जवाब में भी न तो गिरफ्तारी से इनकार किया गया और न ही इसकी पुष्टि की गई।

हरिभूमि ने दूतावास को जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि, एक समाचार संस्थान  के पास संबंधित व्यक्ति का पासपोर्ट उपलब्ध होना संभव नहीं है। साथ ही यह भी बताया कि मीडिया रिपोर्टों में स्वयं यह दावा किया जा रहा है कि सौरभ चंद्राकर कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए यात्रा कर रहा था। ऐसे में पत्रकार के लिए पासपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराना संभव नहीं है। हरिभूमि ने दूतावास से उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर स्थानीय अधिकारियों से तथ्यात्मक पुष्टि करने का आग्रह किया है।

पहले भी गिरफ्तारी की खबर उड़ चुकी हैं
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी की खबर पहले भी कई बार सामने आ चुकी है। 2024 में यूएई में हिरासत की खबरें भी सुर्खियों में रहीं, लेकिन वह भारत नहीं लाया गया। अब ओमान में हिरासत की खबरों के बीच हरिभूमि ने स्वतंत्र सत्यापन किया, जिसमें अब तक न ओमान सरकार और न ही भारतीय दूतावास ने गिरफ्तारी की स्पष्ट पुष्टि की है।

इतना ही नहीं सौरा चंद्राकर और उसका साथी रवि उप्पल के कुबई से दूसरे देश भागने की खबर भी आई थीं। साथ ही यह भी कहा गया था कि दोनों ने गिरफ्तारी के डर से प्रशांत महासागरके द्वीपीय देश वालुआतु की नागरिकता और पासपोर्ट हासिल कर लिए थे ताकि भारतीय एजेंसियों से बचा जा सके।

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