केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तरफ से लागू की गई थ्री लैंग्वेज पॉलिसी मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से कहा है कि वह इस एकेडमिक सेशन में क्लास 6th के स्टूडेंट्स को थ्री लैंग्वेज पॉलिसी से छूट देने का सुझाव दिया है.मामले की अगली सुनवाई 10 दिन बाद होगी.

आइए, जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई को थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर क्या कहा है? जानते हैं कि सीबीएसई का थ्री लैंग्वेज पॉलिसी क्या है और इसे कैसे लागू किया गया है.

अंग्रेजी गैर-देशी भाषा कैसे?

सीबीएसई थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, NCERT और CBSE से इस पर फिर से विचार करने को कहा है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अंग्रेजी को गैर-देशी भाषा मानने की नीति पर मौखिक रूप से अपनी आपत्ति जताई है.सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या मौजूदा एकेडमिक ईयर में क्लास 6 के छात्रों को भी छूट दी जा सकती है.

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय भाषाओं के लिए शिक्षकों और पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता पर भी चिंता जताई. CJI सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच CBSE के उन सर्कुलर को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी,जिनमें थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने की बात कही गई थी.इन सर्कुलर के अनुसार नई नीति को एकेडमिक ईयर 2026-27 से लागू करने का प्रस्ताव है.

सीबीएसई की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी

CBSE ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लागू कर दिया है, जिसके तहत इस सेशन में कक्षा 10 में पढ़ रहे स्टूडेंट्स पर यह नई व्यवस्था लागू नहीं होगी. वहीं, जो स्टूडेंट्स अभी कक्षा 9 (2026-27) में हैं, उन्हें तीसरी भाषा पढ़नी होगी, लेकिन कक्षा 10 बोर्ड (2027-28) में इसकी परीक्षा नहीं होगी. तीसरी भाषा का मूल्यांकन केवल स्कूल करेगा.

सीबीएसई ने अपने दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया है कि मौजूदा समय में 7वीं और 8वीं कक्षा में पढ़ रहे स्टूडेंट भी 9वीं और 10वीं कक्षा में तीन भाषाएं पढ़ेंगे. यदि उन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, तो उन्हें एक अतिरिक्त भारतीय भाषा पढ़नी होगी. इन स्टूडेंट्स के लिए भी तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी.

सीबीएसई की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक छठी कक्षा (2026-27) और उसके बाद के सभी बैचों के लिए तीन भाषाएं अनिवार्य होंगी, जिनमें से दो भारतीय भाषाएं होंगी, जब ये स्टूडेंट्स कक्षा 10 में पहुंचेंगे, तब तीसरी भाषा की CBSE बोर्ड परीक्षा भी देनी होगी.

पीयूष पांडे

पीयूष पांडे

प्रमुखत: सुप्रीम कोर्ट, वित्त मंत्रालय और भारतीय निर्वाचन आयोग की खबरों की जिम्मेदारी. पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक भास्कर और आज में सेवाएं दीं. खबरिया चैनल और अखबार के अलावा दैनिक भास्कर के डिजिटल प्लेटफॉर्म में जिम्मेदारी निभाई, जबकि ऑल इंडिया रेडियो के आमंत्रण पर कई विशिष्ट जनों के साक्षात्कार किए.

Read More

google button