दर्शन सिंह की अग्रिम जमानत याचिका 10 सितंबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया। इस मामले में 5 लाख रुपये के कथित लेनदेन से जुड़ी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई थी, जिसकी लैब जांच के बाद ACB ने कार्रवाई आगे बढ़ाई।
फतेहाबाद में SC-ST एक्ट केस में तत्कालीन DSP के रीडर ने किया सरेंडर।
- Published: 22 Sep 2026, 11:34 AM IST
- Last Updated: 22 Sep 2026, 11:34 AM IST
फतेहाबाद में SC-ST एक्ट केस में रिश्वत के आरोप: फतेहाबाद ढाणी भोजराज में अंतरजातीय विवाह के बाद दर्ज एससी-एसटी एक्ट के मामले में कथित रिश्वतखोरी के आरोपों से घिरे तत्कालीन डीएसपी के रीडर रहे सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर दर्शन सिंह ने सोमवार को एसीजेएम गायत्री देवी की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने आरोपी को दो दिन के रिमांड पर एसीबी को सौंप दिया। मामले में एसीबी की जांच जारी है।
दर्शन सिंह की अग्रिम जमानत याचिका 10 सितंबर को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। इसके बाद सोमवार को उन्होंने अदालत में सरेंडर किया। मामले की जांच के लिए हाल ही में डीएसपी सोमवीर के नेतृत्व में एसआईटी भी गठित की गई है।
डीएसपी के रीडर पर कथित वसूली में भूमिका का आरोप
मामला पिछले वर्ष भूना क्षेत्र के गांव ढाणी भोजराज में हुए अंतरजातीय प्रेम विवाह से जुड़े एससी-एसटी एक्ट के केस का है। इस मामले की जांच उस समय रतिया के तत्कालीन डीएसपी संजय बिश्नोई के पास थी। दर्शन सिंह उस समय डीएसपी के रीडर के रूप में तैनात थे।
एससी-एसटी एक्ट के मामले में कथित अवैध वसूली के आरोप सामने आने के बाद एसीबी थाना हिसार में दर्शन सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। दर्ज एफआईआर में तत्कालीन डीएसपी संजय बिश्नोई के संबंध में भी 'देख लेने' के आदेश लिखे होने का उल्लेख किया गया था।
ऑडियो में पांच लाख के कथित लेनदेन की बातचीत
मामले में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई थी। इसमें कथित लेनदेन को लेकर दर्शन सिंह से बातचीत होने का दावा किया गया था। शिकायत के आधार पर एसीबी ने ग्रामीणों के बयान और अन्य तथ्यों की जांच की। बताया गया है कि कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच मधुबन स्थित लैब से करवाई गई।
अंतरजातीय विवाह के बाद शुरू हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार ढाणी भोजराज के एक युवक और युवती ने 4 फरवरी को अंतरजातीय विवाह किया था। युवक एससी वर्ग से जबकि युवती सामान्य वर्ग से है। विवाह के बाद युवक के दलित परिवार के कथित सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया।
पुलिस ने इस मामले में तीन दुकानदारों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। दुकानदारों की गिरफ्तारी के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क जाम भी किया था। इसके बाद पुलिस ने 15 फरवरी को नौ नामजद समेत करीब 50 अन्य लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
एससी-एसटी केस हटाने के नाम पर 9.50 लाख जुटाने का आरोप
इसी मामले में दुकानदारों के खिलाफ दर्ज एससी-एसटी एक्ट की धाराएं हटाने को लेकर भूना निवासी नरेश सोनी ने 13 मई को एसीबी को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एससी-एसटी केस की आड़ में भय का माहौल बनाकर ग्रामीणों से बड़ी रकम मांगी गई।
शिकायत के अनुसार ग्रामीणों ने कथित तौर पर करीब 9.50 लाख रुपए एकत्र किए थे। वहीं सामने आए ऑडियो में पांच लाख रुपए के कथित लेनदेन को लेकर बातचीत का आरोप लगाया गया था। इन्हीं आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एसीबी मामले की जांच कर रही है।
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली तो अदालत में किया सरेंडर
अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद दर्शन सिंह ने सोमवार को एसीजेएम अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने उन्हें दो दिन के एसीबी रिमांड पर भेज दिया है। अब एसीबी रिमांड के दौरान मामले से जुड़े आरोपों, कथित लेनदेन और ऑडियो रिकॉर्डिंग समेत अन्य तथ्यों की जांच करेगी।
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