कैमूर शहर में भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने देश और राज्यभर में छात्र-नौजवानों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलनों तथा परीक्षा पेपर लीक मामलों के समर्थन में विरोध मार्च निकाला।

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इसके साथ ही कांग्रेस के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन और सत्याग्रह का आयोजन किया।

यह प्रदर्शन शहर के स्टेडियम और पटेल चौक से होते हुए मुख्य मार्गों से गुजरा।

भाकपा माले के जिला सचिव विजय यादव ने इस अवसर पर कहा कि देशभर में परीक्षाओं में हो रही धांधली, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के कारण नौजवानों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।

उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की और सरकार से आंदोलनकारी छात्रों पर दमनकारी नीतियां बंद कर उनसे वार्ता करने तथा जवाबदेही तय करने का आग्रह किया।

''मुख्य मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई''

नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव संजय कुमार चौबे के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया।

इस दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और मुआवजे की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि जंतर-मंतर पर छात्र 30-32 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा संसद और सड़क पर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के बाद सरकार पर दबाव बढ़ा है।

हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बावजूद कांग्रेस का कहना है कि उनकी मुख्य मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं।

आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल - प्रदर्शनकारी

पहली, आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तुरंत रद्द किए जाएं। दूसरी, तनाव और हताशा के कारण जान गंवाने वाले या गंभीर रूप से घायल/विकलांग हुए छात्रों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया।

इससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए और कुछ की आंखों की रोशनी भी चली गई।

कांग्रेस नेता संजय कुमार चौबे ने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की शेष मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप से जारी रहेगा।

40 से 50 लोगों की उपस्थिति में शांतिपूर्ण मार्च निकाला

इस मामले पर भभुआ के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) अमित कुमार ने बताया कि माले संगठन द्वारा लगभग 40 से 50 लोगों की उपस्थिति में शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया।

प्रदर्शनकारियों ने 15 से 20 मांगों से संबंधित एक मांग पत्र सौंपा है, जिसे उचित कार्रवाई हेतु सक्षम प्राधिकार के समक्ष प्रेषित किया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में भभुआ एसडीपीओ/डीएसपी ओमप्रकाश ने जानकारी दी कि जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी।

उन्होंने पुष्टि की कि विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।