भिण्ड वन विभाग में लकड़ी के परिवहन के लिए जारी होने वाली टीपी को लेकर एसडीओ और रेंजर के बीच विवाद सामने आया है। एसडीओ रामकुमार ने रेंजर कृतिका शुक्ला के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की है। शिकायत में टीपी जारी करने के नाम पर किसानों पर दबाव बनान
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गोरमी के शिविर में सामने आया मामला
गोरमी में 7 अगस्त को मुख्यमंत्री जन विकास शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में किसानों की शिकायतों के निराकरण के दौरान वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर मामला सामने आया। इसके बाद एसडीओ रामकुमार ने वन मंडलाधिकारी सामान्य वन मंडल भिण्ड और सीसीएफ ग्वालियर-चंबल को पत्र भेजकर रेंजर कृतिका शुक्ला के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि किसानों के खेतों में फसल की कटाई के बाद लकड़ी के परिवहन के लिए टीपी जारी करने के नाम पर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही अवैध रूप से राशि लेने की बात भी कही गई है। एसडीओ ने यह भी कहा है कि टीपी जारी होने की संख्या कम होने से विभाग के राजस्व संग्रहण पर असर पड़ा है और राजस्व की हानि हुई है।
पहले की शिकायतों का भी दिया हवाला
एसडीओ की शिकायत में कहा गया है कि रेंजर कृतिका शुक्ला के खिलाफ पहले भी अलग-अलग स्तरों पर शिकायतें मिल चुकी हैं। शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों पर महिला उत्पीड़न का मामला दर्ज कराने की धमकी देकर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। एसडीओ ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
एसडीओ बोले- शिविर में अभद्रता की गई
एसडीओ फोरेस्ट रामकुमार ने बताया कि महिला अधिकारी होने का हवाला देकर उनके खिलाफ गलत शिकायत करने की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त को गोरमी में आयोजित शिविर में व्यवस्थाओं को लेकर पूछने पर उनके साथ अभद्रता की गई। उनका कहना है कि पूर्व में पदस्थ एसडीओ फोरेस्ट के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया था।

वन मंडल ऑफिसर का दृश्य।
रेंजर बोलीं- शिविर में कोई विवाद नहीं हुआ
रेंजर कृतिका शुक्ला ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान उनका किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। शिविर में कलेक्टर से लेकर वन विभाग का स्टाफ मौजूद था। यदि कोई विवाद हुआ होता तो वहां मौजूद स्टाफ भी इसकी पुष्टि कर सकता था।
कृतिका शुक्ला ने आरोप लगाया कि उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दिए जाने की आशंका भी जताई। उनका कहना है कि शिविर 7 अगस्त को हुआ था, जबकि उनके खिलाफ शिकायत 11 अगस्त को की गई। उन्होंने कहा कि जांच में पूरा मामला स्पष्ट हो जाएगा।
सीसीएफ बोले- जांच के बाद स्थिति साफ होगी
सीसीएफ लवित भारती ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। दोनों पक्षों से संबंधित जांच रिपोर्ट मांगी गई है। डीएफओ भिण्ड को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।