Published: Saturday, October 24, 2026, 17:25 [IST]

अहमदाबाद के एसजी हाईवे का एक खौफनाक सीसीटीवी वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कर्णावती के पास एक बेकाबू बीएमडब्ल्यू कार स्कूटर, ऑटो-रिक्शा और एक अन्य कार को जोरदार टक्कर मारती नजर आ रही है। यह फुटेज 22 अक्टूबर को हुए हादसे का है, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में एसजी-2 ट्रैफिक पुलिस ने 23 साल के आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और नशे की जांच के लिए उसका ब्लड सैंपल लैब भेजा है।

दर्ज एफआईआर के मुताबिक, यह हादसा सुबह करीब 9 बजे एएमटीएस (AMTS) बस स्टैंड के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बीएमडब्ल्यू ने पहले एक स्कूटर को उड़ाया, फिर ऑटो-रिक्शा और कार से जा टकराई। हादसे के बाद कार सवार भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है, वहीं इस सीसीटीवी फुटेज ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है।

Ahmedabad SG Highway BMW Accident: CCTV Footage Goes Viral, Driver Arrested Under BNS Laws

SG हाईवे BMW हादसे में पुलिस जांच और कानूनी धाराएं

मामले की जांच कर रही पुलिस आरोपी ड्राइवर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (तेज व लापरवाही से गाड़ी चलाना) के तहत कार्रवाई कर सकती है। इसके अलावा मोटर वाहन अधिनियम (MVA) की धारा 184 (खतरनाक ड्राइविंग) भी लागू हो सकती है। वहीं, अगर ब्लड रिपोर्ट में शराब की पुष्टि होती है, तो ड्रंक ड्राइविंग की धारा 185 भी जोड़ी जाएगी। इन धाराओं के तहत मेडिकल टेस्ट, गाड़ी की जब्ती और अदालती ट्रायल की प्रक्रिया होती है। संभावित सजा और जुर्माने का ब्योरा नीचे दिया गया है:

अपराध प्रमुख धारा सामान्य कार्रवाई संभावित अधिकतम सजा/जुर्माना
लापरवाही से गाड़ी चलाना BNS 281 FIR, कोर्ट ट्रायल 6 महीने तक की जेल या ₹1,000 जुर्माना
खतरनाक ड्राइविंग MVA 184 कोर्ट चालान; हादसे के मामलों में गिरफ्तारी 6 से 12 महीने की जेल और/या ₹1,000–₹5,000 जुर्माना
शराब पीकर गाड़ी चलाना (ड्रंक ड्राइविंग) MVA 185 ब्रेथ/ब्लड टेस्ट; लाइसेंस सस्पेंड होना आम 6 महीने तक की जेल और/या ₹10,000 जुर्माना

यह जानकारी क्यों अहम है: राज्य के नियमों के तहत धारा 184 और 185 के ज्यादातर मामले सीधे अदालत भेजे जाते हैं। वहीं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के दिशानिर्देशों के मुताबिक, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर लाइसेंस निलंबित करने जैसी सख्त कार्रवाई का नियम है ताकि ऐसी खतरनाक ड्राइविंग पर रोक लगाई जा सके।

आखिर क्यों ट्रेंड हो रहा है SG हाईवे BMW क्रैश का CCTV?

यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब पुलिस और प्रशासन सड़कों पर स्टंट करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। हाल ही में मुंबई की कोस्टल रोड टनल में सुपरकार्स से रेस लगाने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कई महंगी लग्जरी गाड़ियां जब्त की थीं। वहीं इसी महीने एसजी हाईवे पर इस्कॉन ब्रिज के पास भी एक बड़ा सड़क हादसा हुआ था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं की वजह से तेज और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर आम जनता में भारी गुस्सा है।

इन्श्योरेंस क्लेम की प्रक्रिया और डैशकैम इस्तेमाल करने के जरूरी नियम

ऐसे हादसों के शिकार पीड़ितों या वाहन मालिकों को सबसे पहले एफआईआर दर्ज करानी चाहिए, अपना इलाज कराना चाहिए और अस्पताल के सभी मेडिकल बिल संभालकर रखने चाहिए। हादसे की जानकारी जल्द से जल्द (अधिमानतः 24 से 48 घंटे के भीतर) अपनी इंश्योरेंस कंपनी को दें। नियमों के मुताबिक, कंपनियों को तुरंत सर्वेयर नियुक्त कर तय समय सीमा में क्लेम सेटल करना होता है। थर्ड-पार्टी चोट या नुकसान के मामलों में मुआवजे का फैसला मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल करता है। अगर आपकी कार में डैशकैम है, तो उसकी ओरिजिनल फुटेज सुरक्षित रखें और जांच के लिए पुलिस को सौंपें। ध्यान रखें कि सोशल मीडिया पर वीडियो डालते समय किसी के चेहरे या गाड़ी के नंबर प्लेट को ब्लर करना न भूलें।