बेहतर ग्लोबल संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों से बाजार को मिला सहारा। वहीं, सेबी ने F&O शेयरों के लिए नया क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम लागू किया, जिससे क्लोजिंग प्राइस तय करने की प्रक्रिया अब और पारदर्शी होगी।

Share Market Today

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  • Published: 03 Aug 2026, 09:43 AM IST
  • Last Updated: 03 Aug 2026, 09:43 AM IST

Share Market Today: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार मजबूती के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 788 अंक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 189 अंक चढ़कर हरे निशान में पहुंच गया। विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कई बड़ी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों ने बाजार की धारणा को मजबूत किया।

निवेशकों की नजर अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की इस सप्ताह होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर टिकी है। ब्याज दरों और केंद्रीय बैंक के रुख से बाजार की आगे की दिशा तय हो सकती है।

आज से लागू हुआ F&O में बड़ा बदलाव
सोमवार से शेयर बाजार में एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गया है। सेबी और स्टॉक एक्सचेंजों ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) से जुड़े शेयरों के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की शुरुआत कर दी है।

इस नई व्यवस्था के तहत F&O शेयरों की आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस अब ऑक्शन प्रक्रिया के जरिए तय होगी। इसका उद्देश्य क्लोजिंग प्राइस को अधिक पारदर्शी बनाना, अंतिम मिनटों में संभावित हेरफेर की आशंका कम करना और बेहतर प्राइस डिस्कवरी सुनिश्चित करना है।

अब कैसे तय होगी क्लोजिंग प्राइस?
पहले F&O शेयरों की क्लोजिंग प्राइस कारोबार के अंतिम चरण में हुए सौदों के वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) के आधार पर तय होती थी।

नई व्यवस्था में दोपहर 3:15 बजे के बाद खरीद और बिक्री के ऑर्डर एकत्र किए जाएंगे और उन्हें एक संतुलित कीमत पर मैच किया जाएगा। यही कीमत उस शेयर की आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस मानी जाएगी। इससे किसी एक बड़े ऑर्डर का अंतिम कीमत पर प्रभाव कम होगा और बाजार अधिक निष्पक्ष तरीके से काम करेगा।

निवेशकों के लिए क्या मायने?
विशेषज्ञों का मानना है कि नया क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ डेरिवेटिव्स से जुड़े सौदों में बेहतर मूल्य निर्धारण में मदद करेगा। वहीं, इस सप्ताह RBI की MPC बैठक, वैश्विक बाजारों की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां घरेलू शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।