भीलवाड़ा के सदर थाना प्रभारी (CI) लोकपाल सिंह (38) की बुधवार सुबह इलाज के दौरान उदयपुर में मौत हो गई। मंगलवार शाम (4 अगस्त) नेहरू विहार स्थित अपने घर पर नाकाबंदी ड्यूटी के लिए वर्दी पहनते समय अचानक उनकी सर्विस रिवॉल्वर से गोली चल गई। गोली उनकी कनपटी

.

हादसे के बाद गंभीर हालत में उन्हें भीलवाड़ा से 157 किलोमीटर दूर उदयपुर के गीतांजलि हॉस्पिटल के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर शिफ्ट किया गया था। यहां वेंटिलेटर सपोर्ट पर करीब 8 घंटे रहे। इलाज के दौरान उन्होंने करीब 4 बजे दम तोड़ दिया।

सिर में गोली आर-पार होने के बाद सीआई लोकपाल सिंह की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी।

सिर में गोली आर-पार होने के बाद सीआई लोकपाल सिंह की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी।

157 किमी का सफर महज 95 मिनट में

घटना के तुरंत बाद परिजनों और पुलिसकर्मियों ने सीआई लोकपाल सिंह को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल और फिर रामस्नेही अस्पताल पहुंचाया। सिर में गंभीर जख्म की वजह से भीलवाड़ा एसपी सागर राणा के निर्देश पर मंगलवार देर रात करीब 1 बजे भीलवाड़ा से उदयपुर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पूरे 157 किलोमीटर के हाईवे पर ट्रैफिक को खाली कराया गया।

रास्ते में पड़ने वाले हर थाना क्षेत्र की पुलिस एस्कॉर्ट ने एंबुलेंस को पायलट किया। आईसीयू एंबुलेंस के जरिए महज 95 मिनट में उन्हें उदयपुर के गीतांजलि अस्पताल पहुंचा दिया गया। यहां डॉक्टरों की सुपर स्पेशलिस्ट टीम ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर लिया।

मंगलवार देर रात गंभीर हालत में आईसीयू एंबुलेंस से CI को उदयपुर रेफर किया गया था।

मंगलवार देर रात गंभीर हालत में आईसीयू एंबुलेंस से CI को उदयपुर रेफर किया गया था।

गाड़ी तैयार रखो, मैं आ रहा हूं... नाकाबंदी पर जाने से ठीक पहले हादसा

परिजनों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम 7 बजे थाना क्षेत्र में स्पेशल नाकाबंदी की ड्यूटी थी। निकलने से ठीक पहले सीआई लोकपाल सिंह ने अपने सब-इंस्पेक्टर (SI) को फोन कर कहा था- गाड़ी तैयार रखना, मैं आ रहा हूं। वर्दी पहनते और सर्विस वेपन संभालते समय अचानक फायर हो गया। गोली सीधे सिर में आर-पार हो गई और वे फर्श पर गिर पड़े। गोली की आवाज सुनकर घर में मौजूद उनकी पत्नी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

भीलवाड़ा के रामस्नेही हॉस्पिटल से उदयपुर के गीतांजलि हॉस्पिटल तक पूरे रास्ते पुलिस ने मोर्चा संभाले रखा था।

भीलवाड़ा के रामस्नेही हॉस्पिटल से उदयपुर के गीतांजलि हॉस्पिटल तक पूरे रास्ते पुलिस ने मोर्चा संभाले रखा था।

2 महीने पहले हुई थी दूसरी शादी

सीआई लोकपाल सिंह मूल रूप से अजमेर जिले के विजयनगर क्षेत्र स्थित नादसी गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में माता-पिता और तीन भाई हैं। उनकी पहली पत्नी से तलाक हो चुका था। करीब 2 महीने पहले ही उन्होंने दूसरी शादी की थी।

घटना के बाद से भीलवाड़ा और अजमेर पुलिस महकमे में शोक है। पुलिस मामले की विस्तृत तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कर रही है।

---

यह खबर भी पढ़िए…

सीआई की कनपटी पर लगी गोली; वर्दी पहनते समय सर्विस रिवॉल्वर से हुआ फायर

भीलवाड़ा शहर के सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह मंगलवार शाम अपने घर पर लहूलुहान हालत में मिले। परिजनों के अनुसार, वे थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के लिए निकल रहे थे। इसी दौरान वर्दी पहनते समय अचानक सर्विस रिवॉल्वर से गोली चल गई, जो उनकी कनपटी पर लगी। पूरी खबर पढ़ें