अंबाला के नग्गल थाना प्रभारी सुरेश कुमार पर हुए हमले के मामले में अब FIR सामने आने के बाद घटना की पूरी कहानी सामने आई है। FIR के मुताबिक, शुक्रवार रात मिस्टर सिंह हवेली के पास चार युवकों ने पहले एक युवक कपिल को घेरकर उसके साथ मारपीट की।

.

आरोप है कि दो युवकों ने सड़क से ईंटें उठाकर कपिल के सिर और हाथ पर मारीं। इसी दौरान SHO सुरेश कुमार अपनी कार से मौके पर पहुंचे और कपिल को बचाने की कोशिश की। आरोप है कि हमलावरों ने SHO पर भी हमला कर दिया और चाकू से वार किया।

मामले में अंबाला सदर थाना पुलिस ने 3 अक्टूबर की सुबह 5:27 बजे FIR दर्ज की। इसमें BNS की धारा 110, 115(2), 117(2), 126, 351(2) और 3(5) लगाई गई हैं। FIR में पवन उर्फ पवना और गुरमेज उर्फ तेजी को नामजद किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों के नाम-पते की जानकारी शिकायतकर्ता को नहीं होने की बात दर्ज है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि दोनों को सामने आने पर वह पहचान सकता है।

प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ रेफर किए जाने पर एंबुलेंस में बैठते नग्गल थाना प्रभारी सुरेश कुमार।

प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ रेफर किए जाने पर एंबुलेंस में बैठते नग्गल थाना प्रभारी सुरेश कुमार।

पहले कपिल को चार युवकों ने घेरा

FIR में शिकायतकर्ता कपिल पुत्र दीपचंद ने बताया कि 2 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे वह मिस्टर सिंह हवेली, अंबाला-हिसार रोड पर खड़ा था। वह अपनी मौसी के बेटे वरुण कुमार का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान चार युवक उसके पास आए और रास्ता रोककर गाली-गलौज करने लगे।

इसके बाद चारों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। FIR में कपिल ने पवन उर्फ पवना और गुरमेज उर्फ तेजी को पहचानने की बात कही है।

ईंटों से सिर और हाथ पर हमला करने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, मारपीट के दौरान दो युवकों ने कपिल की दोनों बाजुएं पकड़ लीं। इसके बाद पवन और गुरमेज ने सड़क से ईंटें उठाकर उसके सिर पर वार किया। फिर हाथ और घुटने पर भी ईंट मारी गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, हमले में उसके बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया और वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद चारों युवकों ने उसे लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया।

मिस्टर सिंह हवेली, जहां चार युवकों ने कपिल को घेरकर उसके साथ मारपीट की।

मिस्टर सिंह हवेली, जहां चार युवकों ने कपिल को घेरकर उसके साथ मारपीट की।

मौसी के बेटे को भी धमकाया, तभी मौके पर SHO पहुंचे

FIR में कपिल ने बताया कि झगड़ा देखकर उसकी मौसी का बेटा वरुण कुमार उसे छुड़ाने के लिए आया, लेकिन चारों युवकों ने उसे भी धमकाया, जिसके बाद वह पीछे हट गया। इसी दौरान एक कार मौके पर रुकी। उसमें से एक पुलिसकर्मी नीचे उतरा और कपिल को बचाने की कोशिश की।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसके बाद हमलावरों ने पुलिसकर्मी पर भी थप्पड़ और मुक्कों से हमला किया और फिर चाकू से वार किया।

कपिल बोला- पुलिसकर्मी नहीं बचाता तो जान से मार देते

शिकायतकर्ता ने FIR में कहा कि पुलिसकर्मी को हमलावरों से बचते देख वह अपनी जान बचाकर मौके से साइड में भाग गया। उसका आरोप है कि जाते समय आरोपी उसे धमकी दे रहे थे कि आज तो बच गया, दोबारा मिला तो जान से मार देंगे। इसके बाद वरुण उसे इलाज के लिए अंबाला शहर के सिविल अस्पताल लेकर गया।

FIR में SHO का नाम नहीं, ‘पुलिसकर्मी’ का जिक्र

FIR में शिकायतकर्ता ने मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी की पहचान थाना प्रभारी के तौर पर स्पष्ट रूप से नहीं लिखी है। इसमें केवल इतना दर्ज है कि एक पुलिसकर्मी कार से नीचे उतरा और उसे बचाने की कोशिश की, जिसके बाद आरोपियों ने उस पर हमला किया और चाकू से वार किया। हालांकि, इसी घटना में नग्गल थाना प्रभारी सुरेश कुमार घायल हुए थे और उन्हें उपचार के बाद चंडीगढ़ रेफर किया गया था।

हमले में थाना प्रभारी की गर्दन पर पांच टांके आए, कलाई और अंगूठे पर भी चोट।

हमले में थाना प्रभारी की गर्दन पर पांच टांके आए, कलाई और अंगूठे पर भी चोट।

पुलिस ने 6 धाराओं में दर्ज किया केस

अंबाला सदर थाना पुलिस ने FIR नंबर 172 दर्ज करते हुए BNS की धारा 110, 115(2), 117(2), 126, 351(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। FIR में जांच अधिकारी ASI विक्रम सिंह को बनाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता की MLR में 4 चोटें दर्ज

FIR में शिकायतकर्ता कपिल की मेडिकल रिपोर्ट का भी उल्लेख है। MLR के अनुसार उसके बाएं हाथ पर चोट और सूजन, दाहिने घुटने में दर्द तथा सिर के फ्रंटो-टेम्पोरल और लेफ्ट पैरिएटल हिस्से में चोटें दर्ज की गई हैं। डॉक्टर ने हाथ और घुटने के एक्स-रे तथा सिर का NCCT कराने और संबंधित विशेषज्ञ की राय लेने की सलाह दी है।

आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

मामले में पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है। FIR में दो आरोपियों की पहचान पवन उर्फ पवना और गुरमेज उर्फ तेजी के रूप में दर्ज है, जबकि दो अन्य की पहचान अभी सामने नहीं आई है। पुलिस जांच में घटना के दौरान मौजूद लोगों और CCTV फुटेज से भी आरोपियों की पहचान व घटना का क्रम स्पष्ट होने की उम्मीद है।