सीधी के चुरहट अस्पताल से रीवा रेफर किए गए 6 वर्षीय बैगा बच्चे रोहित की रास्ते में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ऑक्सीजन मास्क नहीं मिला और 108 एंबुलेंस में भी पर्याप्त ऑक्सीजन व्यवस्था नहीं थी। सीएमएचओ ने एंबुलेंस व्यवस्था खराब होने की बात स्वीकार करते हुए जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
अस्पताल में ऑक्सीजन मास्क नहीं मिला, एंबुलेंस में भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं
- Published: 11 Sep 2026, 03:28 PM IST
- Last Updated: 11 Sep 2026, 03:28 PM IST
भोपाल: मध्यप्रदेश के सीधी जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। चुरहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रीवा रेफर किए गए 6 साल के आदिवासी बैगा बच्चे की रास्ते में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध होने के बावजूद बच्चे के लिए ऑक्सीजन मास्क नहीं मिला। इसके बाद 108 एंबुलेंस में भी पर्याप्त ऑक्सीजन व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, कैमोर पहाड़ क्षेत्र निवासी रोहित बैगा की गुरुवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। मां मुन्नी बैगा बच्चे को इलाज के लिए चुरहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचीं। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे संजय गांधी अस्पताल, रीवा रेफर कर दिया।
40 मिनट तक ऑक्सीजन मास्क की तलाश
परिजनों के अनुसार, बच्चे को रेफर करने की प्रक्रिया पूरी होने में करीब 40 मिनट से ज्यादा का समय लगा। इस दौरान बच्चे को ऑक्सीजन देने के लिए अस्पताल में मास्क तलाशा गया, लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सका।
बताया गया कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने ऑक्सीजन देने की कोशिश की, लेकिन मास्क नहीं मिलने के कारण व्यवस्था नहीं हो पाई। इसके बाद मशीन से सीधे ऑक्सीजन सप्लाई देने का प्रयास किया गया। इस दौरान बच्चे की हालत गंभीर बनी रही।
एंबुलेंस में भी पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं
परिजनों के मुताबिक, बाद में 108 एंबुलेंस पहुंची, लेकिन उसमें भी पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी। बताया गया कि एंबुलेंस को सीधी से चुरहट पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा। गंभीर हालत में रोहित को चुरहट से रीवा ले जाया जा रहा था।
हालांकि, शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे रीवा पहुंचने से पहले ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सीएमएचओ ने माना- एंबुलेंस व्यवस्था खराब
मृतक की मां मुन्नी बैगा ने अस्पताल और एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर आरोप लगाए हैं। वहीं, मामले में सीएमएचओ ने भी माना कि जिले में एंबुलेंस व्यवस्था काफी समय से खराब है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक पर्याप्त सुधार नहीं हुआ। अब वरिष्ठ कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना में जिम्मेदारी तय की जाएगी।
घटना ने एक बार फिर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आपात स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन और समय पर एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है।