Sonam Wangchuk: लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने दिल्ली में CJP प्रदर्शन (Delhi Jantar Mantar Protest) के दौरान नेताओं की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भारत के हालात को 'अघोषित आपातकाल' जैसा बताया है। वांगचुक ने कहा कि अगर गिरफ्तार नेताओं को 24 घंटे के अंदर रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार करेंगे। गिरफ्तार नेताओं में अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke), सौरव दास और आशुतोष रांका समेत CJP के कई लोग शामिल हैं।

‘अघोषित इमरजेंसी’ पर सोनम वांगचुक का बयान, प्रदर्शनकारियों की रिहाई के लिए दिया 24 घंटे का समय

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने पर सोनम वांगचुक ने चिंता जताई है। उन्होंने इसे ‘अघोषित इमरजेंसी’ बताते हुए… pic.twitter.com/VNRW0w5szX

— Bansal News Official (@BansalNews_) October 10, 2026

नेताओं की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि उन्होंने एक दिन पहले ही प्रदर्शन के लिए शांति और एकजुटता बनाए रखने की अपील की थी। उन्हें उम्मीद थी कि आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए आगे आए नेता प्रदर्शन को आगे बढ़ाएंगे, लेकिन अब उन्हें पता चला कि सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने इन गिरफ्तारियों पर सवाल उठाए और नेताओं की जल्द रिहाई की उम्मीद जताई।

रिहाई नहीं हुई तो अनशन या पदयात्रा पर विचार

सोनम वांगचुक ने साफ कहा कि अगर अगले 24 घंटे में नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो वह खुद अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार करेंगे। उन्होंने अपने बयान में शांति और एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया।

भारत में 'अघोषित आपातकाल' जैसी स्थिति

सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने देश के मौजूदा हालात को 'अघोषित आपातकाल' जैसा बताया। उनका कहना है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसी स्थिति बनना चिंता की बात है।

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CJP प्रदर्शन को लेकर बढ़ा विवाद

दिल्ली में 10 अक्टूबर को CJP प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। प्रदर्शन से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारी के बाद विरोध करने के अधिकार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है।

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