सोनम वांगचुक को अस्पलाल में भर्ती किए जानें के बाद उनकी पत्नी गीतांजलि ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी सहमति के बिना कोई उपचार शुरू किया जाता है और कोई अप्रिय स्थिति पैदा होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पक्षों की होगी।

Sonam Wangchuk Hunger Strike

गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा कि बिना अनुमति के इलाज नहीं किया जाए।

  • Published: 18 Jul 2026, 10:35 AM IST
  • Last Updated: 18 Jul 2026, 11:36 AM IST

सोनम वांगचुक को अस्पलाल में भर्ती किए जानें के बाद उनकी पत्नी गीतांजलि ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी अनुमति और डॉक्टरों की सहमति के बिना वांगचुक को कोई दवा नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी चिकित्सा प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।

पत्नी ने इलाज को लेकर जताई चिंता
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि उनकी अनुमति और डॉक्टरों की सहमति के बिना वांगचुक को कोई दवा नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी चिकित्सा प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।

गीतांजलि ने कहा कि यदि उनकी सहमति के बिना कोई उपचार शुरू किया जाता है और कोई अप्रिय स्थिति पैदा होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पक्षों की होगी।

बता दें, दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस अस्पताल ले गई है। बताया जा रहा है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार कमजोर हो रही थी, जिसके चलते उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करने की अपील कर रही है, लेकिन आंदोलनकारी अभी भी डटे हुए हैं।

I am at Safdarjung hospital in Delhi where @Wangchuk66 has been admitted. Nothing should be administered to him orally or intravenous without take consent from me, his family and his doctors who have been monitoring his health for the past 20 days.

— Gitanjali J Angmo (@GitanjaliAngmo) July 18, 2026

अभिजीत दीपके ने शुरू किया नया अनशन
इस घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने भी भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ मारपीट की गई और वह पुलिस की गिरफ्त से निकलकर दोबारा जंतर-मंतर पहुंचे। दीपके ने कहा कि वह आंदोलन को जारी रखेंगे और अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठेंगे।

भारी पुलिस बल तैनात
जंतर-मंतर पर स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी कर रहे हैं और आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

क्या है पूरा मामला?
सोनम वांगचुक और उनके समर्थक विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। डॉक्टरों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा था। स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाने का फैसला लिया गया।