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अभिजीत सिंह | गोरखपुर17 मिनट पहले
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गोरखपुर के सदर तहसील परिसर में रविवार को दो बेटियों के साथ पानी की टंकी पर चढ़ी महिला के मामले में सोमवार दोपहर 3 बजे नया मोड़ आ गया। महिला के आरोपों में नाम आने के बाद विष्णु प्रताप सिंह और प्रेम चंद सिंह ने प्रेसवार्ता कर खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए उनके परिवार को बेवजह बदनाम किया जा रहा है। परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि उनका विवाद से कोई लेना-देना नहीं है और बिना किसी साक्ष्य के उनका नाम सार्वजनिक किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। साथ ही झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।
क्या है पूरा मामला?
रविवार को सहजनवा क्षेत्र की रहने वाली एक महिला अपनी दो बेटियों के साथ सदर तहसील परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई थी। महिला का आरोप था कि जमीन विवाद में उसे न्याय नहीं मिल रहा है और वह मुख्यमंत्री से मिलना चाहती है। कई घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस और प्रशासन ने महिला और दोनों बच्चियों को सुरक्षित नीचे उतारा था।
परिवार ने आरोपों को बताया निराधार
सोमवार को प्रेसवार्ता में विष्णु प्रताप सिंह और प्रेम चंद सिंह ने कहा कि महिला ने वायरल वीडियो में उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि उनका इस विवाद से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि असली विवाद से जुड़े लोगों का नाम लेने के बजाय उनके परिवार को निशाना बनाया गया।
धान की रोपाई के विवाद का किया जिक्र
परिवार के अनुसार, संबंधित महिला उनके पड़ोस में रहती है। कुछ समय पहले धान की रोपाई के दौरान खेत को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। उसी के बाद से महिला लगातार उनके परिवार पर झूठे आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि जेसीबी से खेत समतल कराने और खेती रोकने जैसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी का आरोप
परिवार ने आरोप लगाया कि महिला अक्सर उनके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करती है और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देती है। इस संबंध में पहले भी पुलिस से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में महिला के आरोप गलत साबित होते हैं तो उसके खिलाफ झूठी शिकायत, मानहानि और कानून का दुरुपयोग करने के मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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