Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिल रही है. शुरुआती कारोबार में ही बीएसई का सेंसेक्ट 870 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 22,900 से नीचे फिसल गया.

Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिल रही है. शुरुआती कारोबार में ही बीएसई का सेंसेक्ट 870 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 22,900 से नीचे फिसल गया.

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Stock Market Falls Today 28 September

शेयर बाजार में भारी गिरावट Photograph: (File)

Stock Market Today: कमजोर वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ खुला. सुबह 9:17 पर सेंसेक्स 526.96 अंक या 0.71 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 73,368.78 और निफ्टी 174.20 अंक या 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,966.30 पर था.  

शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव फाइनेंशियल और रियल्टी स्टॉक्स पर देखा जा रहा था. सूचकांकों में निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज करीब एक प्रतिशत की कमजोरी के साथ टॉप लूजर्स थे.

निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी मेटल, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी ऑयल एंड गैस के करीब सभी सूचकांक लाल निशान में थे.

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी कमजोरी देखी जा रही है. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 624 अंक या 1.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60,267 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 214 अंक या 1.09 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,500 पर था.

सेंसेक्स पैक में एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, बीईएल, एचयूएल, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व, एमएंडएम, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, इंडिगो, भारती एयरटेल, इटरनल, ट्रेंट और मारुति सुजुकी टॉप लूजर्स थे. केवल टीसीएस ही हरे निशान में था.

वैश्विक बाजारों में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था. टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे. केवल हांगकांग ही लाल निशान में था. अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार के सत्र में तेजी के साथ बंद हुआ था, जिसमें डाओ जोन्स 0.93 प्रतिशत की तेजी के साथ और नैस्डैक 0.48 प्रतिशत की मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुआ.

जानकारों ने कहा कि इकॉनमी और मार्केट में दो ऐसी बातें दिख रही हैं जो एक-दूसरे के उलट हैं, और इन पर ध्यान देना जरूरी है. इकॉनमी मज़बूत बनी हुई है और कंपनियों की कमाई भी बढ़ रही है, लेकिन मार्केट लगातार नीचे जा रहा है. यह घरेलू सपोर्ट के मुकाबले बाहरी कारकों के हावी होने का असर है. ब्रेंट क्रूड का 106 डॉलर प्रति बैरल के करीब होना और अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड यील्ड का 5.2 प्रतिशत पर होना ऐसी बड़ी मुश्किलें हैं जो मार्केट पर दबाव डाल रही हैं. जुलाई और अगस्त में खरीदार बनने के बाद, एफपीआई सितंबर में फिर से बिकवाल बन गए हैं. इस स्थिति की वजह से आने वाले समय में मार्केट पर दबाव बना रहेगा.

स्रोत- आईएएनएस