Published: Wednesday, July 29, 2026, 16:22 [IST]
Telegram Founder Pavel Durov: रूस ने टेलीग्राम के संस्थापक और सीईओ पावेल डुरोव के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाल दिया है। रूस की प्रमुख आंतरिक सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) का आरोप है कि टेलीग्राम ने ऐसे चैनलों, चैट्स और बॉट्स को नहीं हटाया, जिनका इस्तेमाल यूक्रेन की खुफिया एजेंसियां, आतंकवादी और चरमपंथी संगठन रूस के खिलाफ कथित तौर पर तोड़फोड़, आतंकी हमलों और साइबर अपराधों के लिए कर रहे हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब रूस टेलीग्राम पर दबाव बढ़ाने के साथ अपनी सरकारी मैसेजिंग सेवा 'MAX' को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है।
FSB का आरोप- टेलीग्राम नहीं रोक रहा आतंकी नेटवर्क
रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) ने अपने बयान में कहा कि टेलीग्राम प्रशासन ने कई ऐसे चैनलों, चैट्स और बॉट्स को सक्रिय रहने दिया, जिनका इस्तेमाल यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों, आतंकवादी और चरमपंथी संगठनों द्वारा किया जा रहा है। एजेंसी का दावा है कि इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए रूस में तोड़फोड़, आतंकवादी गतिविधियों, सामूहिक हिंसा और साइबर धोखाधड़ी जैसी घटनाओं की योजना बनाई जाती है। इसी आधार पर डुरोव को इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में शामिल किया गया है।
ये भी पढे़ं: अगर Telegram पर देखते हैं फ्री फिल्में, तो पायरेटेड मूवी और OTT कंटेंट को लेकर जान लीजिए सरकार का नया फैसला
रूस-यूक्रेन युद्ध में टेलीग्राम की अहम भूमिका
2013 में लॉन्च हुआ टेलीग्राम आज दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में शामिल है। कंपनी के मुताबिक इसके एक अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान इस ऐप का इस्तेमाल दोनों पक्षों ने सूचना साझा करने, सैन्य अपडेट और प्रचार सामग्री फैलाने के लिए बड़े पैमाने पर किया है। यही वजह है कि रूस लंबे समय से टेलीग्राम की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और उस पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
डुरोव का पलटवार- प्राइवेसी खत्म करना चाहता है रूस
पावेल डुरोव पहले ही दावा कर चुके हैं कि रूसी अधिकारियों ने उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू कर दी है। उनका आरोप है कि सरकार झूठे बहाने बनाकर टेलीग्राम की पहुंच सीमित करना चाहती है। डुरोव का कहना है कि यह कदम यूजर्स की प्राइवेसी और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। रूस में जन्मे डुरोव के पास फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की नागरिकता भी है और फिलहाल वह फ्रांस में रह रहे हैं।
ये भी पढे़ं: Telegram से बैन हटा या रहेगा? दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, कहा- 'सरकार के पास है पूरी पावर'
फ्रांस में भी जांच के घेरे में हैं टेलीग्राम के संस्थापक
रूस ही नहीं, फ्रांस में भी पावेल डुरोव कानूनी जांच का सामना कर रहे हैं। फ्रांसीसी अधिकारियों का आरोप है कि टेलीग्राम अपने प्लेटफॉर्म पर आपराधिक गतिविधियों को रोकने में विफल रहा और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को पर्याप्त सहयोग नहीं दिया। हालांकि डुरोव ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि टेलीग्राम कानून का पालन करता है और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि को बढ़ावा नहीं देता। रूस और फ्रांस दोनों में चल रही जांच ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।