'नशे जैसा था TikTok', लत लगने के बाद सैम ऑल्टमैन ने डिलीट किया ऐप, बताई बड़ी वजह

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन Image Credit source: Chip Somodevilla/Getty Images

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने खुलासा किया है कि उन्हें टिकटॉक की लत लग गई थी. उन्होंने बताया कि शुरुआत में वह सिर्फ कुछ मिनट के लिए ऐप इस्तेमाल करते थे, लेकिन धीरे-धीरे घंटों तक वीडियो देखते रहते थे. आखिरकार उन्हें एहसास हुआ कि यह आदत उनके लिए सही नहीं है और उन्होंने टिकटॉक को अपने फोन से हटा दिया. यह बात उन्होंने एक पॉडकास्ट के दौरान शेयर की.

सोरा ऐप बनाते समय शुरू किया टिकटॉक इस्तेमाल

हाउ टू स्टार्ट अ स्टार्टअप पॉडकास्ट के एक नए एपिसोड में सैम ऑल्टमैन ने बताया कि जब ओपनएआई अपनी एआई वीडियो ऐप सोरा पर काम कर रही थी, तब उन्होंने जानबूझकर टिकटॉक इस्तेमाल करना शुरू किया. उनका मकसद यह समझना था कि यूजर इस तरह के प्लेटफॉर्म पर कितना समय बिताते हैं और वह ऐसा प्रोडक्ट नहीं बनाना चाहते थे जो लोगों का जरूरत से ज्यादा समय ले. उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने टिकटॉक का ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया था, लेकिन सोरा ऐप तैयार करते समय इसे करीब से समझना जरूरी लगा.

10 मिनट से शुरू हुआ सफर, घंटों तक चलता रहा इस्तेमाल

ऑल्टमैन के मुताबिक, उन्हें लगा था कि वह सोने से पहले सिर्फ 10 मिनट टिकटॉक देखेंगे और सब कुछ उनके कंट्रोल में रहेगा. लेकिन कुछ ही समय बाद यह 10 मिनट एक घंटे में बदल गए. उन्होंने बताया कि एक शनिवार को वह करीब तीन घंटे तक लगातार टिकटॉक देखते रहे. तभी उन्हें एहसास हुआ कि यह वही अनुभव नहीं है जिसकी वह उम्मीद कर रहे थे. उन्होंने कहा कि उस समय टिकटॉक इस्तेमाल करना उन्हें नशे जैसा महसूस हो रहा था. बाद में उन्होंने इस्तेमाल कम करके पांच से दस मिनट तक किया, लेकिन आखिर में ऐप को पूरी तरह डिलीट कर दिया.

फोन की नोटिफिकेशन भी बंद की

सैम ऑल्टमैन ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने फोन की सभी नोटिफिकेशन, यहां तक कि मैसेजिंग ऐप्स की नोटिफिकेशन भी बंद कर दी हैं. उनके मुताबिक यह फैसला उनकी जिंदगी के लिए बहुत अच्छा साबित हुआ. पॉडकास्ट में उन्होंने ओपनएआई के आने वाले चैटजीपीटी आधारित हार्डवेयर प्रोडक्ट्स का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ये डिवाइस लोगों के लिए काफी उपयोगी और मददगार होंगे, लेकिन उन्हें यह भी भरोसा है कि कुछ लोग इनका गलत इस्तेमाल करेंगे, जिससे ऐसे नुकसान हो सकते हैं जिनकी अभी कल्पना भी नहीं की जा सकती.

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विशाल मैथिल

विशाल मैथिल

भोपाल के रहने वाले हैं. कम्प्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन और मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद डिजिटल मीडिया में कदम रखा. दैनिक भास्कर से शुरुआत हुई. इसके बाद टाइम्स नाउ नवभारत और अमर उजाला जैसे संस्थान में टेक जर्नलिस्ट के दौर पर करने के बाद TV9 भारतवर्ष से जुड़े हैं. सोशल मीडिया कैंपेन को लीड करने और हिंदी मैग्जीन में भी काम करने का मौका मिला. फिलहाल टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और स्मार्टफोन की खबरें आप तक आसान भाषा में पहुंचाने का काम कर रहे हैं. गैजेट्स कंपेरिजन, गैजेट्स रिव्यूज और मोबाइल रिचार्ज जैसे टॉपिक्स पर भी अच्छी पकड़ रखते हैं. रिसर्च, एक्‍सप्‍लेनर, डाटा स्‍टोरी और इंफोग्राफिक्स के साथ जटिल खबरों को आसानी से कहने और टेक जगत की छोटी-बड़ी अपडेट आप तक पहुंचाने का हुनर रखते हैं. गैजेट्स के अलावा किताबों और म्यूजिक में भी खूब मन लगता है.

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