Published: Sunday, August 16, 2026, 11:32 [IST]
Asish Banerjee Last Note: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से पूर्व विधायक और विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी की संदिग्ध हालात में मौत ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। रविवार सुबह उनका शव रामपुरहाट स्थित तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में फंदे से लटका मिला। पुलिस को मौके से एक पन्ने का कथित सुसाइड नोट भी मिला है। इस नोट में आशीष बनर्जी ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं बताया, लेकिन राजनीति में आने को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल बताया।
उन्होंने अपने लंबे शिक्षक जीवन, ईमानदार छवि और भ्रष्टाचार से दूर रहने का भी जिक्र किया। साथ ही उन्होंने खुद को अपमानित किए जाने और राजनीतिक जीवन से मिली निराशा की बात लिखी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी गलत तरीके से पैसा नहीं लिया और छात्रों को बिना फीस पढ़ाया। पुलिस अब नोट की जांच कर रही है।
आशीष बनर्जी ने आखिरी नोट में क्या लिखा था?
पुलिस के मुताबिक, आशीष बनर्जी के पास से मिले एक पन्ने के नोट में उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया। हालांकि, उन्होंने राजनीति को लेकर अपनी गहरी निराशा जाहिर की। नोट में उन्होंने लिखा कि राजनीति में आना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी। उन्होंने अपने परिवार की आने वाली पीढ़ियों को भी राजनीति से दूर रहने की सलाह दी। आशीष बनर्जी लंबे समय तक शिक्षक रहे थे। कथित नोट में उन्होंने अपने शिक्षक जीवन और अपनी साफ छवि का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने पूरी जिंदगी गलत तरीके से एक पैसा भी नहीं लिया। इसके अलावा वह छात्रों को बिना फीस के पढ़ाते रहे। नोट में अपने इसी पुराने जीवन को याद करते हुए उन्होंने खुद को ईमानदार बताया।
ये भी पढ़ें: Asish Banerjee: कौन थे आशीष बनर्जी? TMC ऑफिस में फंदे से लटका मिला शव, 5 बार के विधायक की कैसे हुई मौत?
नोट में आशीष बनर्जी ने तारापीठ-रामपुरहाट विकास प्राधिकरण (TRDA) से जुड़े मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें वहां दरकिनार किया गया और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह कभी किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहे। इसके बावजूद उन्हें अपमान और परेशानी का सामना करना पड़ा।
राजनीति से क्यों थे परेशान?
आशीष बनर्जी ने कथित तौर पर नोट में अपनी निराशा और दुख का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि राजनीति में आने का फैसला उनकी जिंदगी की बड़ी गलती थी। उन्होंने अपने परिवार की अगली पीढ़ी को राजनीति में नहीं आने की सलाह देकर यह संकेत दिया कि अपने राजनीतिक जीवन के आखिरी दौर में वह काफी निराश थे।
आशीष बनर्जी बीरभूम के रामपुरहाट में रहते थे। उनके घर के पास ही तृणमूल कांग्रेस का पार्टी कार्यालय है। रविवार सुबह इसी कार्यालय में उनका शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने कथित सुसाइड नोट को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है। रामपुरहाट थाना पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, बरामद नोट की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि उसकी पुष्टि की जा सके और मौत से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच हो सके। फिलहाल पुलिस ने मौत की अंतिम वजह को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। आशीष बनर्जी की मौत से जुड़े हालात और नोट में लिखी बातों की जांच जारी है।
ये भी पढ़ें: Bengal Pension: बंगाल सरकार देगी हर महीने ₹10,000 पेंशन, सीएम शुभेंदु अधिकारी ने किया ऐलान, किसे मिलेगा लाभ?