Aug 21, 2026 11:07 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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कलकत्ता हाई कोर्ट की जज जस्टिस सुव्रा घोष ने कहा कि टीएमसी नेता सुजीत बोस के वकील और पीए ने जबरन उनके चैंबर में घुसने की कोशिश की। वे सुजीत से जुड़े केस के रेकॉर्ड देखना चाहते थे। जज ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया। 

Sujit Bose

टीएमसी नेता सुजीत बोस जेल में हैं, उनपर भर्ती घोटाले का आरोप है

कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस सुव्रा घोष ने आरोप लगाया है कि टीएमसी नेता और पूर्व मंत्री सुजीत बोस के वकील ने उनके चैंबर में घुसकर जबरदस्ती की। इसके बाद उन्होंने सुजीत बोस की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। जस्टिस घोष ने कहा कि पूर्व मंत्री के वकील और उनके पीए उनके चैंबर में घुस गए और इस केस के रिकॉर्ड मांगने लगे। उन्होंने कहा कि इस घटना की जानकारी एक्टिंग चीफ जस्टिस तपब्रत चक्रवर्ती को दे दी गई है।

जस्टिस सुव्रा घोष ने कहा कि मंत्री के साथियों के इरादे दुरुस्त नहीं थे। वे न्यायिक प्रक्रिया में दबंगई करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में 17 अगस्त 2026 की तारीख तय की गई थी। वहीं 18 अगस्त को जब मैं कोर्ट रूम में थी तभी याचिकाकर्ता के वकील और पीए ने मेरे चैंबर में घुसने की कोशिश की। वे कुछ दस्तावेज देखना चाहते थे।

महिला जज ने खुद को केस से अलग किया

उन्होंने कहा, बोस के वकील ने मेरे स्टाफ से कहा कि उनके केस के रिकॉर्ड लेकर बाहर आएं। जब स्टाफ ने मना किया तो वे चैंबर में जबरन घुसने लगे। उनका कहना था कि वे रिकॉर्ड देखकर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि ये लोग इस तरह के व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि इन हरकतों को देखते हुए मैंने इस केस से खुद को अलग करने का फैसला किया है।

क्यों जेल में हैं सुजीत बोस

सुजीत बोस म्युनिसिपैलिटी भर्ती घोटाले के मामले में जेल में हैं। ईडी इस मामले की जांच कर रही है। जज ने कहा कि 17 अगस्त को सुनवाई पूरी हो गई थी और इसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। अब यह केस एक्टिंग चीफ जस्टिस के पास है और वही फैसला करेंगे कि कौन सी बेंच मामले की सुनवाई करेगी।

ईडी ने ट्रायल कोर्ट को बताया था कि सुजीत बोस ने भर्ती के लिए 150 नामों की सिफारिश की थी। इन लोगों से पैसे भी वसूले गए थे और मोटी कमाई की गई थी। इसके बाद सारे भ्रष्टाचार वाली कमाई परिवार के सदस्यों के खाते में जमा की गई। जस्टिस सुव्रा घोष ने बता दें कि सुजीत बोस ममता बनर्जी की सरकार में अग्निशमन सेवा मंत्री थे। उनके खिलाफ केस दर्ज होने केबाद 11 मई को उन्होंने गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।