बैलिस्टिक से कितनी अलग है क्रूज मिसाइल? जिससे ईरान ने UAE के टैंकर पर किया अटैक

ईरान ने UAE के दो तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया है.

ईरान ने देर रात संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया. हमले में एक भारतीय की मौत हो गई. कई अन्य घायल हो हैं. घटना के बाद मंगलवार को ईरान के उप-राजदूत मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत ईरानी डिप्लोमेट्स को तलब किया. विदेश मंत्रालय ने गंभीर चिंता जताई और ईरानी मिशन से जवाब मांगा है.

आमतौर पर हमलों के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल होता है, लेकिन ईरान ने यूं ही नहीं क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया है. इसके पीछे भी पूरी सोची-समझी रणनीति है. जानिए, दोनों मिसाइलों में क्या है अंतर और कौन ज्यादा पावरफुल.

क्या है क्रूज मिसाइल?

क्रूज मिसाइल अलग तरीके से काम करती है. यह जमीन की सतह के काफी करीब, यानी बेहद कम ऊंचाई पर, विमान की तरह उड़ान भरती है. इसमें लगा जेट इंजन उड़ान के दौरान लगातार एनर्जी देता है. यह बैलिस्टिक मिसाइल की तरह के कारण नहीं गिरती.

Cruise Missile

ईरान की क्रूज मिसाइल.

इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका सटीक निशाना लगाना और और रास्ता बदलने की ताकत है. इसके अंदर लगा नेविगेशन सिस्टम उड़ान के दौरान रास्ता बदल बदलने में मदद करता है., यह पहाड़ों और इमारतों के पीछे छिपकर उड़ सकती है, और रडार की पकड़ से बचने की कोशिश कर सकती है. यही कारण है कि इसे खास तौर पर तेल टैंकर, जहाज या किसी खास सैन्य ठिकाने जैसे सटीक लक्ष्य को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

बैलिस्टिक मिसाइल कितनी अलग?

बैलिस्टिक मिसाइल को लॉन्च करने पर यह पहले ऊपर की ओर बहुत तेज स्पीड से उठती है, वायुमंडल की सीमा को पार करके अपने टार्गेट की ओर बढ़ती है. उड़ान के बीच इसका रूट नहीं बदला जा सकता. इसकी रफ्तार ही इसकी ताकत है. यह ध्वनि की गति से कई गुना तेजी से आगे बढ़ती है. इसे रोकना मुश्किल हो जाता है. यही कारण है इसे मार गिराने के लिए THAAD और पैट्रियट जैसे एडवांस डिफेंस सिस्टम की जरूरत पड़ती है.

Ballistic Missile

ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल.

कौन ज्यादा बेहतर?

अब सवाल है कि बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल मिसाइल में से कौन ज्यादा बेहतर है? इसका जवाब है कि दोनों की का इस्तेमाल अलग-अलग मकसद के लिया किया जाता है.

बैलिस्टिक मिसाइल कब बेहतर है-

  • जब लक्ष्य बहुत दूर हो और टार्गेट तक तेजी से पहुंचना जरूरी हो.
  • जब दुश्मन के डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए रफ्तार सबसे बड़ा हथियार बनाना हो.
  • बैलिस्टिक मिसाइल की हाइपरसोनिक स्पीड को रोकना बेहद मुश्किल होता है.
  • बड़े, स्थिर लक्ष्यों जैसे शहर, बड़े मिलिट्री बेस पर बड़े हमले के लिए इसका इस्तेामल होता है.

क्रूज मिसाइल कब असरदार-

  • जब सटीक निशाना जरूरी हो, जैसे कोई खास जहाज, टैंकर या इमारत.
  • जब कम ऊंचाई पर उड़कर रडार से बचना हो.
  • जब आसपास का नुकसान कम रखना हो, क्योंकि यह सटीक निशाना लगाती है.

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अंकित गुप्ता

अंकित गुप्ता

नवाबों के शहर लखनऊ में जन्‍मा. डीएवी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से MBA. लिखने की चाहत और खबरों से आगे की कहानी जानने का जुनून पत्रकारिता में लाया. 2008 में लखनऊ के पहले हिन्‍दी टेबलॉयड ‘लखनऊ लीड’ से करियर से शुरुआत की. फीचर सेक्‍शन में हाथ आजमाया. फ‍िर बाबा गोरखनाथ के नगरी गोरखपुर से दैनिक जागरण के आइनेक्‍स्‍ट से जुड़ा. शहर की खबरों और हेल्‍थ मैगजीन में रिपोर्टिंग के लिए 2013 में राजस्‍थान पत्र‍िका के जयपुर हेडऑफ‍िस से जुड़ा. यहां करीब 5 साल बिताने के बाद डिजिटल की दुनिया में नई शुरुआत के लिए 2018 में दैनिक भास्‍कर के भोपाल हेड ऑफ‍िस पहुंचा. रिसर्च, एक्‍सप्‍लेनर, डाटा स्‍टोरी और इंफोग्राफ‍िक पर पकड़ बनाई. हेल्‍थ और साइंस की जटिल से जटिल खबरों को आसान शब्‍दों में समझाया. 2021 में दैनिक भास्‍कर को अलविदा कहकर TV9 ग्रुप के डिजिटल विंग से जुड़ा. फ‍िलहाल TV9 में रहते हुए बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर ‘नॉलेज’ सेक्‍शन की कमान संभाल रहा हूं. एक्‍सप्‍लेनर, डाटा और रिसर्च स्‍टोरीज पर फोकस भी है और दिलचस्‍पी भी.

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