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सार

Jammu Kashmir Police Anti Terror Operation: रियासी पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में सक्रिय 5 आतंकी हैंडलर्स की अचल संपत्तियों को UAPA के तहत अटैच कर लिया है।

Major action in Reasi, Jammu and Kashmir: Properties of 5 terrorist handlers based in Pakistan attached under UAPA

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रियासी में पांच आतंकी हैंडलर्स की अचल संपत्तियों को जब्त किया ली (सोर्स-आईएएनएस)

विस्तार

Jammu Kashmir Police Pakistan Terror Property Attachment: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में आतंकवाद के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। पाकिस्तान में बैठे पांच आतंकी हैंडलर्स की अचल संपत्तियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत अटैच कर लिया गया। यह कार्रवाई महोर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 70/2024 की जांच के दौरान की गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), यूएपीए और अन्य संबंधित कानूनों की धाराएं लागू हैं। पुलिस के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियां आतंकवादी गतिविधियों और उनके वित्तीय नेटवर्क से जुड़ी थीं।

पूरी कार्रवाई महोर की एसडीपीओ पारुल भारद्वाज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट और स्थानीय गवाहों की मौजूदगी में पूरी की। पुलिस का कहना है कि आतंकवाद को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले तंत्र को खत्म करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। जिन पांच लोगों की संपत्तियां जब्त की गई हैं, उनकी पहचान पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी हैंडलर्स के रूप में की गई है। अटैच की गई जमीन महोर क्षेत्र में कई कनाल और मरला में फैली हुई है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से सीमा पार बैठे आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा।

महोर थाने में दर्ज केस से जुड़ी कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई महोर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर नंबर 70/2024 की जांच के दौरान हुई। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और अन्य अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।

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UAPA के तहत बड़ी कार्रवाई

यूएपीए के तहत पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वह अधिकृत अधिकारी हैं जिन्हें आतंकवाद से जुड़ी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश देने का अधिकार है। कानून में आतंकी फंडिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली संपत्तियों को फ्रीज करने, जब्त करने और अटैच करने का प्रावधान है।

बता दें कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत फंड और वित्तीय संपत्तियों को फ्रीज करने, जब्त करने या अटैच करने का अधिकार 2008 में धारा 51ए जोड़कर दिया गया था, जबकि आतंकवाद से जुड़ी कमाई वाली संपत्तियों की जांच, जब्ती और अटैचमेंट के अधिकार को 2004 और 2019 में संशोधनों के माध्यम से चैप्टर 4 के तहत बढ़ाया गया था।

आतंक की फंडिंग पर पुलिस का शिकंजा

एक बयान में कहा गया आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए, रियासी पुलिस ने महोर पुलिस स्टेशन की एफआईआर नंबर 70/2024 की जांच के दौरान पाकिस्तान में रहने वाले पांच आतंकी हैंडलर्स की अचल संपत्तियों को अटैच किया है। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और अन्य अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।

एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कार्रवाई

पुलिस के बयान के अनुसार, अटैचमेंट की यह कार्रवाई महोर की एसडीपीओ पारुल भारद्वाज के नेतृत्व वाली टीम ने महोर पुलिस स्टेशन के एसएचओ के साथ मिलकर, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट और स्थानीय गवाहों की मौजूदगी में की।

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पांच आतंकी हैंडलर्स की जमीन अटैच

दरअसल अटैच की गई संपत्तियों में उन पांच लोगों की जमीन शामिल है जिनकी पहचान पुलिस ने पाकिस्तान में रहने वाले आतंकी हैंडलर्स के तौर पर की है। इनमें शाजरू के अलाफ दीन, शाजरू के गुलाम मोहम्मद उर्फ ​​गामा, चकरास (मुलास) के मोहम्मद अशरफ, चकरास (जामसलान) के शब्बीर अहमद और सिलधार के बिहार दीन शामिल हैं। अटैच की गई कुल जमीन महोर इलाके में कई कनाल और मरला में फैली है।

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