Ujjain Mahakaleshwar Temple: उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस साल सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि दर्शन के पुराने रिकॉर्ड टूट गए. महज 30 दिनों के श्रावण माह में करीब 1 करोड़ 57 लाख 210 श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया. मंदिर समिति के अनुसार, इस दौरान शीघ्र दर्शन टिकट और लड्डू प्रसादी से करोड़ों रुपये की आय भी हुई है.
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया के मुताबिक, इस वर्ष सावन माह में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं. कांवड़ यात्रियों के लिए जल अर्पित करने की अलग व्यवस्था की गई, वहीं भक्तों को सुगम दर्शन, निशुल्क भोजन प्रसादी और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को निशुल्क चरण पादुका उपलब्ध कराई गई.
सिर्फ सावन में पहुंचे 1 करोड़ 13 लाख श्रद्धालु
मंदिर समिति के आंकड़ों के अनुसार, सावन माह के दौरान करीब 1 करोड़ 13 लाख 25 हजार 210 श्रद्धालुओं ने सीधे श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए. इसके अलावा बाबा महाकाल की सवारी और भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए करीब 43 लाख 75 हजार श्रद्धालु पहुंचे. इस तरह सावन माह में कुल श्रद्धालुओं की संख्या 1 करोड़ 57 लाख 210 तक पहुंच गई.
श्रद्धालुओं की भारी संख्या का असर मंदिर की आय पर भी दिखाई दिया. बाबा महाकाल के शीघ्र दर्शन के लिए इस दौरान करीब 5 लाख 76 हजार 370 टिकट खरीदे गए. इससे मंदिर प्रबंध समिति को लगभग 14 करोड़ 47 लाख 42 हजार 500 रुपये की आय हुई. वहीं श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में बाबा महाकाल की प्रसिद्ध लड्डू प्रसादी भी खरीदी. आंकड़ों के मुताबिक करीब 2 हजार 215.939 क्विंटल लड्डू प्रसादी की बिक्री हुई, जिससे मंदिर समिति को लगभग 10 करोड़ 49 लाख 27 हजार 250 रुपये की आय हुई.
बड़ी संख्या में कावड़िए भी पहुंचे
सावन माह में कांवड़ यात्रियों की भी बड़ी संख्या उज्जैन पहुंची. मंदिर प्रशासन के मुताबिक इस बार 5 लाख से अधिक कांवड़ यात्रियों ने बाबा महाकाल को जल अर्पित किया. विशेष व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को जल अर्पण और दर्शन में सुविधा मिली. मंदिर के अन्न क्षेत्र में भी करीब 3 लाख 47 हजार 912 श्रद्धालुओं ने निशुल्क भोजन प्रसादी ग्रहण की. मंदिर समिति ने इस वर्ष एक नई पहल भी शुरू की. दर्शन के दौरान जूते-चप्पल गुम होने वाले श्रद्धालुओं को निशुल्क चरण पादुका उपलब्ध कराई गई. इस व्यवस्था का लाभ 10 हजार से अधिक भक्तों ने उठाया.
टूटे पुराने रिकॉर्ड
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बाबा महाकाल के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है. वर्ष 2023 में सावन-भादो मास के दौरान करीब 99 लाख भक्तों ने दर्शन किए थे. वर्ष 2024 में यह संख्या करीब 90 लाख रही, जबकि 2025 में सावन-भादो मास में करीब 1 करोड़ 25 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे. इस वर्ष केवल सावन माह में ही 1.57 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से महाकाल मंदिर ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है.

रवि सेन, उज्जैन