यूपी में विधायक खुद विकास के नाम पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए ये अनुशंसा-पत्र तभी लिखते हैं, जब इन्हें 35% से 40% कमीशन मिलता है। अनुशंसा-पत्र विधायक का वह लेटर है, जिसके आधार पर CDO (चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर) विधायक
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दैनिक भास्कर ने अब तक का सबसे बड़ा खुलासा करते हुए रिश्वत लेने वाले 2 विधायकों को ऑन कैमरा बेनकाब किया। भास्कर रिपोर्टर ने NGO मैनेजर बनकर विधायकों से फंड जारी करने की डील की। विधायकों का एक ही सवाल पर फोकस था कि हमें कितना कमीशन मिलेगा? विधायकों ने हिडन कैमरे पर कमीशन लिया और विधायक निधि जारी करने के लिए अनुशंसा-पत्र दे दिया। इन 2 विधायकों में 1 भाजपा और 1 सपा का है। पढ़िए, पूरा इन्वेस्टिगेशन…

सबसे पहले हमने भाजपा विधायक जय मंगल कन्नौजिया का स्टिंग किया। कन्नौजिया पर रिश्वतखोरी के आरोप लग चुके हैं। हमने एक NGO रजिस्टर कराया। फिर सोलर लाइट से जुड़ी ट्रेनिंग ली, क्योंकि हमें विधायक से सोलर लाइट लगाने के लिए ही राशि लेनी थी।
विधायक से परिचय बढ़ाने के लिए हम उनके साथ 30 दिन तक गांव-गांव घूमे। सोलर लाइट के फंड के लिए विधायक से कुल 8 राउंड में डील हुई। चौथे राउंड में विधायक कन्नौजिया 35% कमीशन के बदले 10.50 लाख रुपए का काम देने को तैयार हो गए।
इसके बाद हुई मीटिंग्स में उन्होंने रिश्वत ली और अनुशंसा-पत्र पर साइन करके हमें दे दिया। उनसे हुई बातचीत हूबहू पढ़िए…
हमें दूसरे 40% कमीशन दे रहे, आप कितना देंगे- कन्नौजिया
कन्नौजिया : दूसरे सोलर वाले 40% कमीशन दे रहे।
रिपोर्टर : हम आपको 35% तक दे देंगे।
कन्नौजिया : ठीक है, जिस दिन चिट्ठी लिखेंगे, उसी दिन पैसा चाहिए।
रिपोर्टर : एडवांस कितना कर दें?
कन्नौजिया : एडवांस क्या करेंगे, पूरा कर दीजिए। हमसे चिट्ठी लिखवा लीजिए, बात खत्म।
रिपोर्टर : आप कहें तो 35% कमीशन का 20% अभी कर दें। जब लेटर जारी हो जाएगा, तब 80% कर देंगे।
कन्नौजिया : ठीक, कल सुबह 11 बजे आइए।

अगले दिन 11 बजे विधायक ने लेन-देन किया। विधायक ने 50 हजार कैश लिए और कहा- बाकी पैसा कल लाना।
कन्नौजिया : प्रपोजल 10.50 लाख रुपए का है क्या?
रिपोर्टर : 35% कमीशन 3 लाख 67 हजार 500 रुपए होगा। इसका 20% 73,500 रुपए होगा। (पैसा देते हुए) अभी 50 हजार कैश लाए हैं। बाकी बाद में।
कन्नौजिया : ठीक है, कल लेते आइएगा।
(2 दिन बाद हम विधायक के घर पहुंचे। यहां बाकी बचा रुपया दिया।)
कुछ और रुपए दीजिए, पूरे पेमेंट का 20% देने की बात हुई थी- कन्नौजिया
कन्नौजिया : ये कितना है?
रिपोर्टर : 23,500 रुपए।
कन्नौजिया : कितना हो गया?
रिपोर्टर : 10.50 लाख का 35% 3 लाख 67 हजार 500 रुपए होता है, जो आपको देंगे। इसका 20% पहले देने की बात हुई थी, जो 73,500 रुपए होता है। 50 हजार रुपए आपको पहले दे दिए थे।
कन्नौजिया : (चौंकते हुए) 73,500 रुपए। नहीं भाई (कुछ देर तक मोबाइल पर कैलकुलेटर निकालकर हिसाब-किताब जोड़ते हैं) आप हमको 20% दे रहे हैं ना। आपने कहा था कि आप हमें 35% का 20% देंगे।
रिपोर्टर : हम आपको 35% का 20% ही दे रहे हैं। हमने आपको 73,500 रुपए दे दिए। अब बचे हैं- 2 लाख 94 हजार रुपए।
कन्नौजिया : हमें कुछ और दीजिए भाई। हमने आपसे पूरे पेमेंट का 20% देने की बात की थी।

विधायक नाराज हो गए। उन्होंने और रुपयों की डिमांड की। इसलिए थोड़ी देर बाद हम दोबारा कैश लेकर पहुंचे।
रिपोर्टर : आप नाराज हो गए, इसलिए कुछ और देने आए हैं।
कन्नौजिया : हम नाराज होने वाले व्यक्ति नहीं हैं। कुछ और देना हो तो दे दीजिए।
रिपोर्टर : सर, ये 10 हजार रुपए हैं।
कन्नौजिया : (पैसा लेते हुए) जाइए, एकदम मस्त होकर। कल आकर लेटर ले लीजिएगा।
इस तरह विधायक कन्नौजिया ने हमसे 83,500 रुपए रिश्वत ली। अगले दिन अनुशंसा-पत्र दे दिया।

अनुशंसा-पत्र में विधायक निधि से 10 लाख 50 हजार रुपए की सोलर लाइट लगाने की स्वीकृति थी।

आजमगढ़ जिले में मेंहनगर से सपा विधायक पूजा सरोज पर भी रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। हमने विधायक के रिश्तेदार और विधायक प्रतिनिधि विकास सरोज से पहचान बढ़ाई। NGO मैनेजर बनकर विधायक को सोलर लाइट और वाटर कूलर लगाने का प्रपोजल दिया। विधायक ने सैंपल मांगा तो एक सोलर लाइट खरीदकर इंस्टॉल करके बताई।
15 दिन तक उनके लोगों के साथ गांव-गांव जाकर वे स्थान चयनित किए, जहां सोलर लाइट लगानी थी। विधायक से टोटल 15 मीटिंग हुई। 12वीं मीटिंग में विधायक ने कमीशन की बात की।
विधायक पूजा ने कहा- रिश्वत पर हमारा एक ही नियम- 50% एडवांस
पूजा : क्या बात हुई थी?
रिपोर्टर : आप हमें वर्कऑर्डर दे दीजिए, हम कुछ एडवांस कर देंगे।
पूजा : (हंसते हुए) कुछ नहीं, हमारा एक ही नियम है- 50% कमीशन पहले और 50% बाद में। उसके हिसाब से विकास बात कर लेंगे। हमें कितना कमीशन मिल रहा है?
रिपोर्टर : 35% तक दे पाएंगे।
पूजा : कितना एडवांस देंगे, 50% या…?
रिपोर्टर : 35% का 10% एडवांस कर देंगे।
पूजा : पेपर (अनुशंसा-पत्र) बनने से पहले, यानी जब मैं साइन करती हूं तो 50% एडवांस मेरे पास आ जाना चाहिए।
(13,500 रुपए के रेट से 200 सोलर स्ट्रीट लाइट और 20 हजार रुपए के रेट से 20 वॉटर कूलर का कुल बजट 31 लाख हुआ।)

पूजा सरोज ने 35% कमीशन कैलकुलेट किया, जो 10.85 लाख रुपए निकला और फिर हमसे बात की।
पूजा : बहुत कम अमाउंट है। करीब 10 लाख। 5 लाख ही एडवांस देना है।
रिपोर्टर : 10 लाख का अभी 10% ले लीजिए। बाद में 90% और कर देंगे।
पूजा : पहले आप सोलर लाइट का कमीशन कराइए।
रिपोर्टर : ठीक है, 200 लाइट का बजट 27 लाख रुपए हुआ। इसका 35% यानी 9 लाख 45 हजार रुपए होता है।
पूजा : 50% कितना हुआ?
रिपोर्टर : करीब 5 लाख रुपए होगा। जब आप लेटर साइन करेंगी, तब 1 लाख देंगे। पैसा पास होते ही 8.45 लाख रुपए दे देंगे।
पूजा : नहीं। (मोबाइल के कैलकुलेटर पर 5 लाख दिखाते हुए) आप ये लाइए, मैं लेटर पर साइन करके देती हूं।

बातचीत के दौरान हमने विधायक पूजा को एक लाख दिए। रुपए वापस करते हुए विधायक बोलीं- एक साथ पूरे दीजिए।
पूजा : ऐसा मत करिए। 2 दिन बाद पूरा दीजिए। इतना बड़ा अमाउंट नहीं है।
रिपोर्टर : हमारे NGO की यही पॉलिसी है।
पूजा : कौन है, मेरी बात कराइए। उनको बुलाइए। उल्टी-सीधी पॉलिसी लेकर चल रहे हैं।
रिपोर्टर : कल आपको 25% करा दें, जो 2 लाख 36 हजार 650 रुपए बनते हैं। बाकी लेटर जारी होने के बाद।
पूजा : नहीं, आप देख लो कैसे करना है?
रिपोर्टर : मैम, बस 2 दिन की बात है।
पूजा : उनकी पॉलिसी मुझ पर काम नहीं करेगी। बिना वजह हम उलझे हैं। ये ठीक नहीं।

विधायक 5 लाख रुपए लेने पर ही अड़ी रहीं। जब समाधान नहीं निकला तो हम वापस आ गए।
कुछ दिन बाद विधायक पूजा सरोज के प्रतिनिधि विकास का कॉल आया। उसने कहा- आप आए नहीं। हमने कहा- विधायक जी, 50% एडवांस पर अड़ी हैं। हम 25% दे सकते हैं। आप विधायक जी से साइन कराकर लेटर वाट्सएप पर भेज देंगे तो हम 5 लाख रुपए लेकर आ जाएंगे।
विकास ने 7 दिन बाद 4 अनुशंसा पत्र भेजे। विकास ने कहा- 35% कमीशन का आधा यानी 14 लाख 17 हजार 500 रुपए लेकर आ जाओ और लेटर की हार्ड कॉपी ले जाओ। चूंकि हम विधायक को एक्सपोज कर चुके थे, इसलिए हार्ड कॉपी लेने नहीं गए।

अनुशंसा-पत्र में 81 लाख रुपए के काम की विधायक निधि की स्वीकृति थी। इनका 35% कमीशन 28.35 लाख होता है।
विधायकों के करीबी भी खा रहे पैसा
विधायक के प्रतिनिधि विकास ने हमसे तीन बार में 10 हजार, फिर 10 हजार और फिर 5 हजार रुपए लिए। यानी विधायक निधि का 1-2% ये लोग खा रहे हैं। इसी तरह महराजगंज सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया के करीबी संजीव शुक्ला ने हमसे चार बार 5-5 हजार रुपए, इस तरह 20 हजार रुपए लिए।
अब जानिए, MLA फंड का कहां उपयोग कर सकते हैं विधायक
यूपी में प्रत्येक विधायक को हर साल 5 करोड़ रुपए विधायक निधि मिलती है। यानी 5 साल में 25 करोड़ रुपए। सड़क, नाली, खड़ंजा, सामुदायिक भवन, पेयजल, लाइट सहित कई तरह के काम करा सकते हैं।
MLA फंड पर कमीशन लेना गंभीर मामला, इसमें 7 साल की सजा
लखनऊ हाईकोर्ट के AGM-1 (एडिशनल गवर्नमेंट एडवोकेट) अतुल सिंह ने बताया- ‘अगर कोई विधायक कमीशन या रिश्वत लेता है तो उस पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 7 लगेगी। इसके तहत 3 से 7 साल की सजा का प्रावधान है। आरोपी विधायक के नाम पर स्वीकृत या शेष विधायक निधि के खातों को तुरंत फ्रीज किया जा सकता है। विधानसभा के स्तर पर आचरण समिति या सदाचार कमेटी मामले की जांच करती है।’

MLA फंड में रिश्वतखोरी का सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता। जब विधायक का अनुशंसा-पत्र CDO ऑफिस जाता है तो वहां भी कर्मचारी से लेकर अफसर तक सभी का कमीशन फिक्स है। भास्कर का सबसे बड़ा खुलासा पार्ट-2 में कल पढ़िए CDO ऑफिस के अफसरों और कर्मचारियों की रिश्वत की रेट लिस्ट। ------------
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