खनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित 'यूपी-जापान हेल्थकेयर एंड केयर इकॉनामी पार्टनरशिप' के सेक्टोरल सेशन में उत्तर प्रदेश और जापान के बीच चिकित्सा, रोबोटिक्स, फार्मा और कुशल मानव संसाधन के आदान-प्रदान पर विस्तृत चर्चा हुई।

up japan healthcare and care economy partnership

फार्मा क्षेत्र में 12 प्रमुख कंपनियों के साथ एमओयू हस्ताक्षरित हुए।

  • Published: 21 Aug 2026, 04:23 PM IST
  • Last Updated: 21 Aug 2026, 04:23 PM IST

जापान वर्तमान में तेजी से वृद्ध होती आबादी और कुशल कार्यबल की कमी का सामना कर रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा युवा कार्यबल और तेजी से उभरता मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्तुत करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल बना है।

इसी कड़ी में आयोजित यह विशेष सत्र दोनों देशों के बीच तकनीकी हस्तांतरण, फार्मा निवेश, मेडिकल शिक्षा और युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार दिलाने का एक मजबूत मंच बनकर उभरा है।

जापान को प्रशिक्षित डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने में सक्षम यूपी
सत्र को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 47 से बढ़कर 83 से अधिक हो चुकी है और एमबीबीएस, एमडी, नर्सिंग व पैरामेडिकल सीटों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि जापान अपनी गुणवत्ता, कार्यकुशलता और तकनीक के लिए जाना जाता है, जबकि यूपी के पास बड़ी प्रशिक्षित युवा शक्ति है।

जापान की जरूरतों के अनुरूप राज्य सरकार अपने युवाओं को जापानी भाषा, तकनीकी कौशल और वहां की कार्य संस्कृति का प्रशिक्षण देकर डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और मेडिकल तकनीशियन के रूप में भेजने को तैयार है।

400 एकड़ में मेडिकल टेक पार्क और रोबोटिक्स पर काम शुरू
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने जानकारी दी कि जापान के साथ सहयोग से राज्य में रोबोटिक्स तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है और करीब 400 एकड़ भूमि पर 'मेडिकल टेक पार्क' विकसित करने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है। हाल ही में फार्मा क्षेत्र में 12 प्रमुख कंपनियों के साथ एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर बन रहे नए मेडिकल कॉलेजों में भी जापानी निवेशकों की भागीदारी की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, जिससे राज्य के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर का बनाया जा सके।

विदेशी भाषा और कौशल प्रशिक्षण से अंतरराष्ट्रीय रोजगार की राह
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि राज्य में लागू सिंगल विंडो सिस्टम से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मांग के अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए विशेष भाषा केंद्र बनाए जा रहे हैं।

वहीं श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने जोर दिया कि 'हर हाथ को काम' के संकल्प के तहत प्रदेश सरकार युवाओं को देश के साथ-साथ विदेशों में भी सुरक्षित व व्यवस्थित प्रवासन के जरिए रोजगार से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

डिमांड बेस्ड ट्रेनिंग और केयरगिविंग कौशल पर विशेष जोर
सत्र में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम और यूपीएसडीएम निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि राज्य के विशाल आईटीआई और पॉलिटेक्निक नेटवर्क के जरिए जापान की मांग के अनुरूप केयरगिविंग, कंस्ट्रक्शन और लॉजिस्टिक्स के लिए विशेष पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे।

स्टेप फाउंडेशन की डायरेक्टर मानसी कसलीवाल और सी2सी इंडिया के सीईओ राणा धीरज ने केयर स्किल्स टेस्ट व कार्यस्थल की व्यवहारिक तैयारियों पर बल दिया। कार्यक्रम के समापन पर यामानाशी प्रीफेक्चर के प्रतिनिधियों और जापानी उद्योगपतियों को इन्वेस्ट यूपी द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।