
कांग्रेस सांसद राहुल गांधीImage Credit source: Getty Images
यूपीआई पर जो चार्ज लगा है, उसे लेकर विपक्ष हमलावार है, लेकिन अब बीजेपी ने वित्त मामलों की स्थायी समिति की रेवेन्यू आधारित फ्रेमवर्क की मांग का हवाला देते हुए राहुल गांधी से सवाल किया है. बीजेपी ने कहा कि 2026 में वित्त मामलों की स्थायी समिति ने UPI के लिए एक टियर-आधारित MDR-रेवेन्यू फ्रेमवर्क की मांग की थी और इसे बिना किसी देरी के नोटिफाई और लागू किया जाना चाहिए.
यह रिपोर्ट कांग्रेस के उन नेताओं की समिति द्वारा तैयार की गई थी, जिनमें पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम भी शामिल थे. वित्त संबंधी स्थायी समिति, जिसमें पी. चिदंबरम के अलावा मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, किशोरी लाल और के गोपीनाथ जैसे कांग्रेस सांसद भी शामिल हैं, उन्होंने इस साल 12 अगस्त को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में यूपीआई के लिए एक स्तरीय एमडीआर-रेवेन्यू फ्रेमवर्क की मांग की थी. अब बीजेपी पूछ रही है कि राहुल गांधी ऐसी चीज का विरोध क्यों कर रहे हैं, जिसका समर्थन संसद के भीतर उनके ही सांसदों ने किया था.
दरअसल, अपनी रिपोर्ट में समिति ने RuPay पर जीरो-एमडीआर पॉलिसी और कम मूल्य वाले यूपीआई लेनदेन के कारण होने वाली ऑफसेट इकोसिस्टम कॉस्ट की भरपाई के लिए 2026-27 के लिए 2000 करोड़ रुपये के भारी बजटीय आवंटन का जिक्र किया था.
यूपीआई से हर महीने 150 अरब लेनदेन का अनुमान
समिति ने पाया कि यूपीआई से हर महीने 150 अरब लेनदेन होने और 60 करोड़ नए यूजर्स के जुड़ने का अनुमान है, लेकिन वर्तमान सरकारी प्रोत्साहन राशि उद्योग की वास्तविक लागत का केवल 11% और संभावित मासिक कर संग्रह का 14% ही कवर करती है. समिति ने कहा कि इससे एक संरचनात्मक वित्तीय अंतर पैदा होता है, जो बुनियादी ढांचे में दीर्घकालिक निवेश को प्रभावित कर सकता है. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, समिति इस बात पर जोर देना चाहती है कि यूपीआई सिस्टम की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवहार्य राजस्व तंत्र स्थापित करना महत्वपूर्ण है, ताकि सरकार के खजाने पर लगातार बोझ न पड़े.
राहुल ने पीएम मोदी पर बोला हमला
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर केंद्र सरकार के यूपीआई लेनदेन के लिए नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर हमला किया और सरकार पर अमेरिका के दबाव में झुकने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी से मजबूत रुख अपनाने का आग्रह किया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट में राहुल ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए यूपीआई के नए उपायों पर पीएम मोदी के रुख की तुलना इंदिरा गांधी के रुख से की.
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आनंद प्रकाश पांडेय
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद 2005 में टीवी पत्रकारिता में कदम रखा. वो सफर अब टीवी9 भारतवर्ष तक पहुंच गया है. राजनीतिक लोगों और राजनीतिक खबरों में रूचि है. भले ही पद एडिटर, नेशनल अफेयर्स का है पर अभी भी खुद को नौसिखिया ही मानता हूं और इसलिए सीखने का क्रम अनवरत जारी है...
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